फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ali Merchant: 'मैं सिर्फ भगवान से डरता हूं...' रमजान में डीजे बंद करने की ट्रोलिंग पर अली मर्चेंट की दो टूक

Mon, 24 Apr 2023 09:04 PM IST
रुपाली रामा जायसवाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

अली मर्चेंट ने रमजान के दौरान डीजे बंद किए जाने की ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है। साथ ही ट्रोल्स को आड़े हाथों लेते नजर आए हैं। 
विज्ञापन
अली मर्चेंट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टेलीविजन एक्टर और डीजे अली मर्चेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल हुआ। इस क्लिप में नजर आया कि अजान के दौरान एक्टर ने संगीत बजाना बंद कर दिया। इसी को लेकर अब अली ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक्टर ने बताया है कि उन्हें संगीत रोकने की वजह से खूब ट्रोल किया गया। इतना ही नहीं अपने ताजा बयान से एक्टर ट्रोल्स की बोलती बंद कराते भी नजर आए हैं। 

अली मर्चेंट डीजे बंद करने पर हुए ट्रोल

अली मर्चेंट का कहना है कि यह पहली बार है जब उन्होंने ऐसा कुछ किया। उनका स्लॉट अजान से करीब 30 मिनट पहले ही शुरू हुआ था। एक्टर ने कहा, 'रमजान के समय में अजान को सम्मान देना महत्वपूर्ण होता है।' मर्जेंट ने यह भी खुलासा किया कि जब उन्होंने संगीत बजाना बंद किया तो भीड़ में कुछ ट्रोल्स भी मौजूद थे, जो चिल्ला रहे थे कि मैं डर गया और इसलिए रुक गया। 

विज्ञापन


Filmy Wrap: फेक एक्सेंट को लेकर सामंथा ट्रोल और आर्यन ने किया शाहरुख को डायरेक्ट, पढ़ें मनोरंजन जगत की खबरें

अली मर्चेंट की ट्रोल्स को दो टूक

अली मर्चेंट ने उन ट्रोल्स को जवाब देते हुए कहा है, 'मैं सिर्फ भगवान से डरता हूं। जब मैंने संगीत बंद किया तो हर कोई चौंक गया, लोगों को पता नहीं था कि क्या हो रहा है। निर्माता और आयोजक से लेकर हर कोई हैरान रह गया। लेकिन अंत में, सभी ने इस तथ्य को महत्व दिया और इसका सम्मान किया।

Alia Bhatt: रणबीर-राहा की फोटो डिलीट कर दोबारा शेयर करने पर ट्रोल हुईं आलिया, लोग बोले- पहले ही डिसाइड करना था

पुणे की जनता का जताया आभार

अली ने कहा कि अजान के दौरान संगीत को रोकना एक व्यक्तिगत पसंद है, लेकिन मैं दूसरों से भी ऐसा करने का अनुरोध करता हूं क्योंकि यह धर्म के लिए हमारा सम्मान दिखाता है। लोग क्या कहेंगे, क्या सोचेंगे इससे अब मैं डरता नहीं हूं, जो कुछ भी मुझे सही लगता है मैं करता हूं।' वहीं, बचपन से रोजा रखने की बात कबूलते हुए अली ने कहा, 'मुझे बचपन से ही रमजान के रोजे रखने की आदत है। बचपन की ये आदतें हमेशा मुझे सब कुछ सुचारू रूप से चलाने में मदद करती हैं। पुणे में भीड़ बहुत समझदार और परिपक्व थी। वे हर संभव धर्म का सम्मान करते हैं जो बहुत अच्छा है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें