फिल्मों में काम करने को लेकर नहीं था आत्मविश्वास
मोहित मलिक ने बताया "साल 2016 में मेरे अंदर इतना आत्मविश्वास नहीं था कि मैं फिल्मों में काम करूं। मुझे अपनी कला पर भरोसा नहीं था। आत्मविश्वास आने के बाद मैंने 2017-18 में फिल्मों में हाथ आजमाया। टीवी सीरियल में काम करने के दौरान मैं अक्सर टाइम निकाल कर फिल्मों के ऑडिशन के लिए जाया करता था। अभिषेक कपूर को मेरा ऑडिशन अच्छा लगा और उन्होंने मुझे फोन किया। मैंने दूसरा टेस्ट दिया और मैं इसमें पास हो गया।"
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नई इंडस्ट्री में काम करने में होती है दिक्कत
मलिक ने आगे बताया कि "एक अलग इंडस्ट्री में इतने लंबे वक्त तक काम करने के बाद, एक दूसरे नए उद्योग में एकदम से शुरुआत करने के बाद, आप अहंकार से भी जूझते हैं। लेकिन जुनून अहंकार को हरा देता है। मैं आज भी लोगों के पास जाता हूं और उनसे काम मांगता हूं। लोगों ने 'आजाद' में मेरे काम को पसंद किया।" मोहित से पूछा गया कि स्टार किड को अदाकारी का कोई तजुर्बा नहीं होता है। ऐसे में उन्हें काम मिल जाता है, इस पर उनका क्या कहना है? इस पर एक्टर ने जवाब दिया "एक वक्त के बाद उन्हें भी मौके मिलने बंद हो जाते हैं।"
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स्टार किड्स को भी करनी पड़ती है मेहनत
मलिक ने बताया "अगर मैं भी किसी फिल्मी परिवार में पैदा होता, तो मुझे भी कोई गॉडफादर मिलता और मुझे कई अवसर मिलते। हालांकि, यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने काम में कितनी मेहनत कर रहे हैं। अगर आप अपने काम को निखारने के लिए मेहनत नहीं कर रहे हैं, तो आप अपने सभी मौकों को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए स्टार किड्स को भी बने रहने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। उन्हें कई मौके मिल सकते हैं, लेकिन अगर उनके काम में सुधार नहीं होगा, तो काम नहीं मिलेगा।