NCW ने सुनाई ये सजा
सुनवाई के दौरान गीतकार रकीब आलम, फिल्म के डायरेक्टर प्रेम और केवीएन प्रोडक्शंस के प्रतिनिधि गौतम के एम और सुप्रीथ आयोग के सामने पेश हुए। आयोग की सदस्य ने गाने के लिरिक्स पर चिंता जताते हुए कहा कि ये महिलाओं की गरिमा के खिलाफ हैं। साथ ही यह दलील भी खारिज कर दी गई कि उन्हें गाने के शब्दों का मतलब नहीं पता था।
NCW ने इस गाने के आपत्तिजनक लिरिक्स को लेकर खुद संज्ञान लिया था। आयोग की चेयरपर्सन विजया किशोर राहतकर की अध्यक्षता में हुई इस सुनवाई में साफ कहा गया कि अब नोरा फतेही को खुद आकर अपना पक्ष रखना होगा।
NCW के मुताबिक, सभी संबंधित लोगों ने लिखित में माफी मांगी और माना कि इस गाने का समाज पर गलत असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले तीन महीनों तक वे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करेंगे और इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपेंगे।