तमिल सिनेमा के दिग्गज और ग्रामीण संवेदनाओं को पर्दे पर जीवंत करने वाले निर्देशक भारतीराजा की तबीयत को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। अचानक सांस लेने में परेशानी होने के बाद उन्हें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है और बताया जा रहा है कि उनकी हालत स्थिर है।
उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे निर्देशक
84 वर्षीय भारतीराजा को तमिल फिल्म इंडस्ट्री में 'निर्देशक इमयम' यानी निर्देशन का स्तंभ कहा जाता है। उन्होंने अपने करियर में ऐसे समय में सिनेमा को नई दिशा दी, जब शहरी कहानियों का बोलबाला था। भारतीराजा ने गांव, मिट्टी और आम लोगों की भावनाओं को केंद्र में रखकर फिल्मों का निर्माण किया और तमिल सिनेमा की भाषा ही बदल दी। बताया जा रहा है कि बीते कुछ समय से भारतीराजा उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। कुछ महीने पहले वह अपनी बेटी के पास मलेशिया में भी रहे थे। हाल ही में चेन्नई लौटने के बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पहले सामान्य इलाज चल रहा था, लेकिन अचानक सांस की समस्या बढ़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा।
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भारतीराजा के परिवार की ओर से बयान
भारतीराजा के परिवार की ओर से पहले ही एक बयान जारी कर साफ किया गया था कि उनकी सेहत से जुड़ी सही जानकारी सिर्फ परिवार के माध्यम से ही साझा की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई थी कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में है और इलाज का असर भी दिख रहा है।
पिछले साल इकलौते बेटे का हुआ था निधन
पिछले साल भारतीराजा की जिंदगी में एक बड़ा सदमा आया था। उनके इकलौते बेटे और अभिनेता मनोज भारतीराजा का अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। बेटे की मौत ने भारतीराजा को अंदर से तोड़ दिया। करीबी लोगों का कहना है कि वह इस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे, जिसका असर उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत पर भी पड़ा।
1970 के दशक में रखा था कदम
भारतीराजा ने 1970 के दशक में तमिल सिनेमा में कदम रखा और पहली ही फिल्म से अपनी अलग पहचान बना ली। उनकी फिल्मों ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि कई नए कलाकारों को भी इंडस्ट्री में स्थापित किया। रजनीकांत, कमल हासन, श्रीदेवी जैसे दिग्गज सितारों के साथ उन्होंने यादगार फिल्में बनाईं। निर्देशन के साथ-साथ उन्होंने अभिनय में भी हाथ आजमाया और हाल के वर्षों में कुछ फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं।
पद्म श्री से हुए सम्मानित
सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया था। आज भी तमिल सिनेमा में उनकी फिल्में एक स्कूल की तरह मानी जाती हैं, जहां से कई निर्देशकों ने प्रेरणा ली। फिलहाल पूरे फिल्म जगत की नजरें भारतीराजा की सेहत पर टिकी हैं। प्रशंसक और साथी कलाकार उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि डॉक्टरों की निगरानी में वह जल्द ही इस मुश्किल दौर से बाहर आएंगे।