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‘लाठी चार्ज की कोई जगह नहीं’, छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर बोले कमल हासन; सरकार की इस पहल का किया स्वागत

Sat, 25 Jul 2026 02:13 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Kamal Hasan On Student Protest: कमल हासन ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर अपनी राय रखी है। उन्होंने सरकार से एक मांग की है।
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कमल हासन - फोटो : एक्स
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विस्तार
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नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। ऐसे में तमिल सुपरस्टार कमल हासन ने बातचीत के लिए सरकार की इच्छा का स्वागत किया है। एक्टर और नेता ने कहा कि टकराव की जगह बातचीत का रास्ता अपनाना सही दिशा में उठाया गया कदम है और यह लोकतंत्र के काम करने का सबूत है। उन्हें उम्मीद है कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होंगे।
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कमल हासन की राय
शनिवार को कमल ने एक्स पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच बातचीत के लिए सरकार की इच्छा का स्वागत किया। उन्होंने लोगों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि बातचीत से शिक्षा व्यवस्था में सार्थक और स्थायी सुधार हों।

कमल हासन - फोटो : एक्स@ikamalhaasan
लाठी चार्ज की जगह नहीं
एक्टर ने इस बात पर भी जोर दिया कि जवाबदेही चुनिंदा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि समाज में पैलेट गन और लाठी-चार्ज की कोई जगह नहीं है, मगर सुरक्षा कर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की भी उतनी ही निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'टकराव की जगह बातचीत को आते देखकर खुशी हुई। असहमति पर बातचीत होनी चाहिए। यही लोकतंत्र है।'



कमल ने की ये मांग
उन्होंने जोर देकर कहा, 'यह पल और मौका पेपर लीक से कहीं बड़ा है। मैं शिक्षा और परीक्षा सुधार पर एक राष्ट्रीय आयोग बनाने का आग्रह करता हूं। जिसके पास परीक्षाओं में भरोसा बहाल करने, पढ़ाई का तनाव कम करने और शिक्षा को आधुनिक बनाने का तीन महीने का रोडमैप हो। ऐसा आयोग जो तमिलनाडु की आवाज भी सुने, जहां युवा अनीता की मौत ने सबसे पहले एक अहम परीक्षा की मानवीय कीमत दिखाई थी।'

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कमल हासन - फोटो : सोशल मीडिया
लंबा रास्ता है
कमल ने अपने ट्वीट का समापन करते हुए लिखा 'सरकार की बातचीत की इच्छा का स्वागत है। अब हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बातचीत से स्थायी सुधार हों। आगे का रास्ता लंबा है, लेकिन भारतीयों को मिलकर इस पर चलना होगा।'

इस वजह से हो रहा विरोध प्रदर्शन
लगभग एक महीने से, छात्र सीजेपी के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कथित नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन में शामिल हुए और अपनी मांगों को मनवाने के लिए कई छात्रों के साथ भूख हड़ताल की।
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