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Ashokan Death: दिग्गज अभिनेता शिवाजी गणेशन के हमशक्ल अशोकन का निधन, लाइव परफॉर्म के दौरान तोड़ा दम

Wed, 16 Oct 2024 12:49 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

अशोकन ने जिस हुनर के लिए मशहूर रहे और लोगों से उन्हें प्यार मिला, उसी की प्रस्तुति देते-देते इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनका आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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शिवाजी गणेशन-अशोकन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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'शिवाजी ऑफ सिंगापुर' के नाम से मशहूर मिमिक्री आर्टिस्ट अशोकन का 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अशोकन चर्चित स्टेज परफॉर्मर थे। इसके अलावा उन्हें दिग्गज साउथ सुपरस्टार शिवाजी गणेशन के महशक्ल के रूप में भी जाना जाता था। अशोकन का निधन शनिवार 12 अक्तूबर को प्रस्तुति देते हुए अचानक हो गया। दर्शकों के बीच अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए वे अचानक गिरे और दम तोड़ दिया। 

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दर्शकों का मनोरंजन करते-करते तोड़ा दम
अशोकन जिस हुनर के लिए मशहूर रहे और लोगों से उन्हें प्यार मिला, उसी की प्रस्तुति देते-देते इस दुनिया को अलविदा कह गए। उनका आखिरी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे लाइव परफॉर्म कर रहे हैं और अचानक मुंह के बल गिर जाते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में घटना 12 अक्तूबर की बताई जा रही है। हालांकि, इस दौरान वे कहां प्रस्तुति दे रहे थे इसे लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

सिंगापुर में हुआ अंतिम संस्कार
अपनी कलाकारी के चलते अशोकन सिंगापुर और मलेशिया में काफी लोकप्रिय रहे। उनके अचानक निधन से फैंस हैरान हैं। 13 अक्तूबर को सिंगापुर में अशोकन का अंतिम संस्कार हुआ। मिमिक्री आर्टिस्ट के परिवार में उनकी पत्नी, बेटे-बहू, बेटी-दामाद और पोते हैं। अशोकन ने भारत और विदेशों में विभिन्न सामुदायिक और चैरिटी कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 
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कौन थे शिवाजी गणेशन?
बात करें शिवाजी गणेशन की तो वे साउथ इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता थे। गणेशन का जन्म 1 अक्तूबर 1928 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसीडेंसी (वर्तमान तमिलनाडु) के विल्लुपुरम में गणेशमूर्ति के रूप में हुआ था। महज सात साल की उम्र में उन्होंने एक थिएटर ग्रुप में शामिल होने के लिए अपना घर छोड़ दिया। दिसंबर 1945 में, गणेशमूर्ति ने 'शिवाजी कांडा हिंदू राज्यम'   नामक एक नाटक में मराठा शासक शिवाजी को चित्रित किया। उनका प्रदर्शन ऐसा प्रतिष्ठित था कि नाम उनके साथ जुड़ गया और गणेशमूर्ति ने 'शिवाजी'  का उपनाम जोड़ लिया।
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