शरद केलकर का दो टूक जवाब – 'देश के फैसले के साथ खड़े रहना चाहिए'
इस पूरे विवाद में शरद केलकर ने सरकार का समर्थन करते हुए एक सधी हुई बात कही। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में साफ कहा, 'हम कलाकार हैं, लेकिन जब देश पर संकट हो, तो हमारी पहली जिम्मेदारी देश के साथ खड़े होने की होती है। कई बार क्या होता है? पॉलिटिकल सिनेरियो और जो देश चला रहे हैं, जो उन बातों को हमसे बेहतर समझते हैं। हमें उनके फैसलों का सम्मान करना चाहिए। शायद वो राजनीति और वैश्विक हालातों को ज़्यादा अच्छे से समझते हैं। उनके पास हमसे ज़्यादा अनुभव होता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'बतौर आर्टिस्ट, हम तो इमोशंस में बहकर बात कर लेते हैं, लेकिन वो लोग सोच-विचार करके निर्णय लेते हैं। इसलिए हमें उनके फैसलों का सम्मान करना चाहिए। ये सरकार का फैसला है और हमें देश के साथ खड़े रहना चाहिए।'
यह बयान उन कलाकारों के लिए कड़ा जवाब माना जा रहा है, जो हमेशा 'आर्ट नोज नो बॉर्डर' की बात करते हैं।
बातचीत के दौरान, शरद ने कहा कि जिन्होंने हमारे साथ गलत किया, खासकर उन आतंकवादियों के लिए, उन्हें एक शिक्षा मिलनी चाहिए।
प्रकाश राज बोले थे– 'फवाद खान की फिल्म को बैन करना गलत'
कुछ दिन पहले जब प्रकाश राज ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी तो उन्होंने कहा था, ‘फवाद खान की फिल्म को भारत में बैन करना सही नहीं है। अगर फिल्म पहले रिलीज होती है, तो दर्शक यह तय करेंगे कि वे पाकिस्तानी अभिनेताओं वाली फिल्मों का समर्थन करते हैं या नहीं। इसे दर्शकों को ही तय करने दिया जाना चाहिए।‘
प्रकाश राज के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। कई यूजर्स ने उन्हें याद दिलाया कि जब देश शोक और गुस्से में हो, तो कला की आजादी की दलील देना लोगों के इमोशंस को ठेस पहुंचा सकता है।
जय भवानी जय शिवाजी गीत का पोस्टर
- फोटो : इंस्टाग्राम @sharadkelkar
देशभक्ति के सुर में गूंजा 'जय भवानी जय शिवाजी'
बता दें, शरद केलकर का नया हिंदी म्यूजिक वीडियो 'जय भवानी जय शिवाजी' रिलीज हुआ है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और विचारधारा को समर्पित है।
इस गाने को लेकर शरद ने कहा, 'मराठी में शिवाजी महाराज पर कई बेहतरीन गाने बने हैं, लेकिन हिंदी में ऐसा भव्य गाना पहले कभी नहीं आया। जब यह प्रोजेक्ट मेरे पास आया, तो लगा कि यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम शिवाजी महाराज के बराबर तो नहीं पहुंच सकते, लेकिन उनके कदमों तक जरूर पहुंच सकते हैं। कैलाश खेर ने गाने में जो भाव और ऊर्जा दी है, वह इसे और खास बना देता है। यह सिर्फ महाराष्ट्र नहीं, पूरे भारत के लिए बना है।'
गाने की शूटिंग बड़े पैमाने पर की गई है और इसमें महाराज की वीरता और दृष्टिकोण को दर्शाया गया है।