फिल्म 'घमासान' को दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला है। कुछ दिनों पहले ही इसके निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने एक इंटरव्यू दिया और उसमें फिल्म से जुड़ी काफी बातें साझा कीं। तिग्मांशु ने यह भी बताया कि उन्होंने सबसे पहले 'घमासान' की कहानी शाहरुख खान को सुनाई थी, लेकिन किंग खान ने फिल्म करने से इंकार कर दिया। चलिए आपको बताते हैं कि आखिर बॉलीवुड के 'बादशाह' ने ऐसा क्यों किया?
शाहरुख को ऑफर हुआ था कौन सा किरदार?
एक इंटरव्यू में तिग्मांशु ने बताया कि 'घमासान' की स्क्रिप्ट पूरी होने के तुरंत बाद उन्होंने शाहरुख को इसकी कहानी सुनाई थी। उन्होंने शाहरुख को उस पुलिसवाले का रोल ऑफर किया था जिसे बाद में प्रतीक गांधी ने निभाया।
किंग खान के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए निर्देशक ने कहा,
'जब मैंने इस मूवी की स्क्रिप्ट लिखी, तो मैं सबसे पहले शाहरुख खान के पास उस रोल के लिए गया जो प्रतीक गांधी निभा रहे हैं। उन्होंने कहानी सुनी और मुझसे कहा कि यार तिशु मैं इस तरह की रियलिस्टिक फिल्में नहीं करता हूं यार।'
तिग्मांशु ने आगे कहा-
'बाकी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं, शाहरुख का दिल तो फुटबॉल के मैदान जितना बड़ा है। साथ ही हम 'दिल से' के दिनों से एक-दूसरे को जानते हैं और 'जीरो' फिल्म में मैंने उनके पिता का रोल भी किया था।'
तिग्मांशु धूलिया
- फोटो : सोशल मीडिया
किस्सा सुनकर क्या बोले अरशद वारसी?
जिस इंटरव्यू में तिग्मांशु ने यह बात बताई। वहीं फिल्म में डाकू महाराज का किरदार निभा रहे अभिनेता अरशद वारसी भी मौजूद थे। तिग्मांशु का यह किस्सा सुनकर उन्होंने कहा, 'मैं समझता हूं। मैं भी उन्हें टॉम क्रूज की तरह ही देखना चाहता हूं। बेचारा, अगर वह कुछ रियलिस्टिक करेगा तो मुझे दिक्कत होगी।'
फिल्म 'घमासान'
- फोटो : सोशल मीडिया
'घमासान' की स्टारकास्ट
बता दें कि फिल्म की कहानी डकैत शिव कुमार पटेल उर्फ ददुआ की कहानी दिखाती है, जिसे 80 के दशक में बुंदेलखंड का वीरप्पन कहा जाता था। फिल्म में अरशद वारसी डकैत महाराज बने हैं और प्रतीक गांधी ने एसटीएफ अफसर का किरदार निभाया है। इनके अलावा फिल्म में राजपाल यादव भी है और इशिता दत्ता, प्रतीक गांधी के किरदार की पत्नी का रोल निभा रही हैं।
यहां पढ़ें फिल्म 'घमासान' का रिव्यू: Ghamasaan Review: भटकी हुई कहानी में उलझी ‘घमासान’, बर्बाद किया अरशद वारसी का टैलैंट; कहां चूकी फिल्म?