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Bihar: OTT पर रिलीज होगी बिहार के बसंत की फिल्म ‘खुशनसीब’, जानें नक्सल प्रभावित इलाके से बॉलीवुड तक का सफर

Sun, 19 Jan 2025 05:10 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Saran News: अभिनेता बसंत कुमार ने बताया कि उनका यह सफर आसान नहीं था। अपने दादा के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने हर चुनौती का सामना किया। दादा का सपना था कि परिवार से कोई हिंदी फिल्म जगत में नाम कमाए। पढ़ें पूरी खबर...।
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अभिनेता बसंत कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अभिनेता बसंत कुमार सारण जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मकेर प्रखंड के एक छोटे से गांव विक्रम कौतुका से ताल्लुक रखते है। बसंत अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर बॉलीवुड की दहलीज तक पहुंच गए। उनकी नवीनतम हिंदी फिल्म ‘खुशनसीब’, जो युवाओं की छोटी गलतियों के गंभीर परिणामों पर आधारित है, 21 जनवरी 2025 को ‘इंजॉय’ ओटीटी पर प्रदर्शित होगी।

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बसंत कुमार का सफर एक छोटे से मंच से शुरू होकर बड़े पर्दे तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि उनका यह सफर आसान नहीं था। अपने दादा दिवंगत गोपाल शर्मा, जो क्षेत्र के मुखिया थे, के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने हर चुनौती का सामना किया। दादा का सपना था कि परिवार से कोई हिंदी फिल्म जगत में नाम कमाए।
 
आर्थिक तंगी और पढ़ाई छोड़ने की मजबूरी
बसंत ने असम में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की, जहां उनके पिता परशुराम शर्मा एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। उच्च शिक्षा के लिए उन्हें छपरा के परसा बाजार स्थित पीएन कॉलेज भेजा गया। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उन्हें बीसीए की पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने स्नातक के साथ-साथ अभिनय के प्रति अपने जुनून को जिंदा रखा। उन्होंने नाट्य मंच से अपने अभिनय की शुरुआत की। बिहार आर्ट थिएटर में एडमिशन लेकर ड्रामा में डिप्लोमा पूरा किया और धीरे-धीरे अभिनय में खुद को निखारा।
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टेलीविजन से बॉलीवुड तक का सफर
बसंत कुमार का अभिनय करियर 2004 में डीडी नेशनल के भोजपुरी धारावाहिक ‘पीरीतिया तोहार अनमोल’ से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने मंगला भैया का कॉमिक किरदार निभाया। इसके बाद उन्होंने ‘दास्तान ए जुर्म’ (ईटीवी बिहार), ‘रावण’ (जी टीवी) और ‘हसी के रेल छूट न जाए’ जैसे टीवी धारावाहिकों में काम किया। वहीं, भोजपुरी फिल्मों में भी उन्होंने ‘ई हमार चुनौती बा’ जैसी फिल्मों के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। लेकिन उनका सपना हिंदी फिल्म जगत में जगह बनाना था, जिसे उन्होंने 20 साल के लंबे संघर्ष के बाद पूरा किया।
 
कैसी है नई फिल्म ‘खुशनसीब’
‘खुशनसीब’ एक ऐसी कहानी है जो युवाओं को उनकी गलतियों के गंभीर नतीजों का एहसास कराती है। इस फिल्म में बसंत के साथ गौरव सिंह, सिमरन सिंह, मोनिका चौधरी और मुन्ना टाइगर जैसे कलाकार शामिल हैं। बसंत का कहना है कि यह फिल्म उनकी मेहनत और उनके दादा के सपनों का परिणाम है।
 
बसंत कुमार की सफलता की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो कठिनाइयों और चुनौतियों के बावजूद अपने सपनों को नहीं छोड़ते। वह कहते हैं कि नेक इरादे और बुलंद हौसलों से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। मकेर जैसे पिछड़े और नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनके संघर्ष और सफलता की यह कहानी न केवल सारण जिले बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है।

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