काफी समय से ऐश्वर्या सखुजा को कोई काम नहीं मिल रहा था। अभिनेत्री ने खुद इस विषय में बात करते हुए कहा, 'देखिए एक्टिंग फ्री-लांसिंग जैसा काम है। अगर काम मिला तो ठीक नहीं तो इतंजार करते रहिए। बीच में पता नहीं क्यों मुझे काम मिलना एकदम बंद हो गया और इसके लिए मैं किसी को ब्लेम नहीं करना चाहती हूं'।
टीवी की मशहूर अभिनेत्री ऐश्वर्या सखुजा ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल से एक खुशबखबरी को अपने फैंस के संग साझा किया है। वे अब सर्टिफाइड थेरेपिस्ट बन गई हैं। ऐश्वर्या सखुजा 'सास बिना ससुराल' जैसे हिट शो में काम कर चुकी हैं। इस शो के अलावा भी वे कई और शो का हिस्सा रह चुकी हैं, लेकिन पिछले काफी समय से वे किसी सीरियल में नजर नहीं आई हैं। पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान अपनी जिंदगी और करियर के बारे में खुलकर बातें करती नजर आईं।
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किसी को क्यों ब्लेम करना
काफी समय से ऐश्वर्या सखुजा को कोई काम नहीं मिल रहा था। अभिनेत्री ने खुद इस विषय में बात करते हुए कहा, 'देखिए एक्टिंग फ्री-लांसिंग जैसा काम है। अगर काम मिला तो ठीक नहीं तो इतंजार करते रहिए। बीच में पता नहीं क्यों मुझे काम मिलना एकदम बंद हो गया और इसके लिए मैं किसी को ब्लेम नहीं करना चाहती हूं। जब मुझे काम मिल रहा था तब मैंने किसी को इसके लिए धन्यवाद नहीं कहा तो अब क्यों किसी को दोष दूं'।
पति ने किया सपोर्ट
ऐश्वर्या सखुजा अपनी बात जारी रखते हुए कहती हैं, 'जब मैं अपने जिंदगी के लो फेज से गुजर रही थी तब मेरे पति ने मुझे काफी सपोर्ट किया। उन्होंने ही मुझे एक थेरेपिस्ट के पास भेजा था। वहां जाकर मैं काफी ठीक हो गई। फिर मेरी थेरेपिस्ट ने ही मुझे सलाह दिया कि मैं थेरेपिस्ट बन सकती हूं। मुझ में वो काबिलियत है और वहीं से मेरे इस नए सफर का आगाज हुआ'।
अब सांस लेने की भी फुरसत नहीं
एक दौर ऐसा भी था ऐश्वर्या सखुजा की जिंदगी में जब उन्हें सुबह उठने के लिए मकसद ढूंढना पड़ता था। ऐश्वर्या कहती हैं,'मैंने अपनी जिंदगी में वह दौर भी देखा है जब मैं सुबह को जागती थी तो लगता था कि क्या करूं, मेरे पास करने को कुछ भी नहीं है। लोग मुझसे पूछते थे कि मैं इन दिनों क्या कर रही हूं और मेरे पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता था, लेकिन आज मेरे पास सांस लेने तक भी फुरसत नहीं है। मुझे इतने कॉल आते हैं और मैं लोगों की मदद कर पा रही हूं इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। जिंदगी को यूं ही बिना किसी काम के या काम के इंतजार में बर्बाद करना समझदारी नहीं होती है'।