फिल्म 'आजाद' से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत करने वाली राशा थडानी अपनी मां रवीना टंडन की लीगेसी को आगे बढ़ा रही हैं। फिल्म भले ही अच्छा न कर पाई हो, लेकिन राशा ने अपनी पहचान बना ली है। अब राशा ने अपनी फैशन को लेकर बात की है। साथ ही उन्होंने अपनी जेन-जी जेनेरेशन को लेकर भी बात की और बताया कि हमारी पीढ़ी की ताकत है कि हम डरते नहीं।
यह पीढ़ी फैशन ट्रेंड के दबाव से ऊपर उठ चुकी है
अपनी जेनेरशन को लेकर राशा का मानना है कि जेन-जी का हिस्सा होने से उन्हें व्यक्तित्व की ताकत सीखने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि हमारी पीढ़ी की ताकत यह है कि हम जैसे भी हैं, उससे डरते नहीं हैं। हर कोई अपन आप में कुछ न कुछ है और यह अपने आप में एक बयान बन जाता है। हमारी यह पीढ़ी कहीं न कहीं फैशन ट्रेंड के दबाव से ऊपर उठ चुकी है। हममें से कोई भी किसी चीज को सिर्फ इसलिए पहनने से नहीं डरता क्योंकि वह ट्रेंड में नहीं है। अगर आप फैशन ट्रेंड्स पर नजर डालें, तो जींस सबसे ज्यादा ट्रेंड में है और सबसे आरामदायक भी। यह बस खुद बने रहने के बारे में है और यह अपने आप में एक बयान है।
मां से प्रभावित हैं राशा
एक्ट्रेस ने आगे कहा कि परफेक्ट होने का कोई लगातार दबाव नहीं है। यह सहज होने के बारे में है, क्योंकि सहजता अच्छी होती है। ट्रेंड्स का पालन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन मुझे ट्रेंडसेटर बनना पसंद है। रशा का मानना है कि उनके पहनावे पर न केवल उनकी मां रवीना का बल्कि पूरे 90 के दशक का गहरा प्रभाव है। मेरी और मेरी मां की आदतें बहुत मिलती-जुलती हैं। मैं उनकी पसंद-नापसंद को देखते हुए और उनसे प्रभावित होते हुए बड़ी हुई हूं। इसलिए मैंने अपनी 90% शैली उन्हीं से ली है।
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90 के दशक की फैशन की फैन हैं राशा
आज के फैशन को लेकर राशा का कहना है कि आज का फैशन आराम पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देता है। लेकिन 90 के दशक का फैशन आइकॉनिक है। जिस तरह से वे एक्सेसरीज पहनते थे, बाल, मेकअप, लोग जो कुछ भी पहनते थे, वह सब बहुत खूबसूरत था। मैं 90 के दशक के फैशन की फैन हूं। मैं जितना हो सके 90 के दशक के स्टाइल को अपनाने की कोशिश करती हूं। चाहे वह स्मोकी आईज़ हो या हाई पोनीटेल, लाल बैंड। मैं अपनी पूरी जिंदगी 90 के दशक के फैशन के साथ बिता सकती हूं।