घर में फिल्म देखने का रिवाज नहीं था
रंजीत ने बातचीत में बताया 'मैं आपको सच बताता हूं। हमारे खानदान में फिल्म देखना तो दूर एक मैगजीन भी नहीं पकड़ सकते थे। मेरी फैमिली बहुत ऑर्थोडॉक्स थी। पहले मैंने एयरफोर्स ज्वाइन किया था। उसके बाद वहां से निकाल दिया गया। जब मैं हिंदू कॉलेज में था तो मैंने फिल्म इंडस्ट्री के बारे में सुना था। फिल्म कभी नहीं देखी थी। धर्मेंद्र और दिलीप कुमार जैसे कलाकारों के पोस्टर देखे थे। मैंने कभी फिल्मों में जाने का नहीं सोचा था। एक बार मैं अपने दोस्त के घर गया था। वहां पर मुझे एक आदमी मिला था। उनका नाम रणवीर सिंह था। वह हॉलीवुड से जुड़े थे। उन्होंने मुझे सीधे ऑफर किया कि क्या आप फिल्मों में काम करेंगे?
घर वालों को पता चला कि बेटा एक्टर है
मैं दरअसल उस परिवार से आता हूं जहां पर फिल्म लाइन को अच्छा नहीं माना जाता है। मैंने 'शर्मीली' फिल्म में काम किया। दिल्ली में फिल्म का प्रीमियर था। तो मैं घर गया और लोगों से फिल्म देखने की गुजारिश की, कि एक बार मेरी फिल्म देखने आइए। मैंने 'शर्मीली' के 6-7 पास ले लिए। अपने घर वालों को मैंने वहां बैठा दिया। इसके बाद जब इंटरवल हुआ, तो वह लोग कास्ट से मिलाना चाहते थे। जब मैं वहां पहुंचा तो सीटें खाली थीं। मैंने लोगों से पूछा कि ये लोग कहां गए। तो पता चला कि वह लोग इंटरवल में ही चले गए थे। मैंने फिल्म में एक्ट्रेस का ब्लाउज वगैरह फाड़ा था। तो उन लोगों को अच्छा नहीं लगा। तो वह लोग चले गए। मैं पार्टी करने के बाद जब घर पहुंचा, तो उन लोगों ने कहा कि तुम घर में आए कैसे? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? तुमको शर्म नहीं आती है लड़कियों के कपड़े फाड़ते हो? बाद में सब ठीक हो गया।