मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 का खिताब जीतकर ग्लोबली भारत का नाम ऊंचा करने वालीं मॉडल रेचल गुप्ता अब अपने खिताब को वापस करने को लेकर चर्चाओं में हैं। रेचल गुप्ता ने सोशल मीडिया पर साफ-साफ कहा कि उन्हें लगातार अपमानित किया गया और जिस माहौल में उन्हें काम करना था, वो बहुत ही ज्यादा टॉक्सिक था।
इस भावुक और चौंकाने वाली पोस्ट के बाद रेचल के पिता से अमर उजाला डिजिटल ने खास बातचीत की। रचेल के पिता राजेश अग्रवाल बातचीत के दौरान कई बार रुके, भावुक हुए और बेटी के दर्द को बयां करते हुए उन्होंने अपने मन की बात खुलकर कही। चलिए आपको बताते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा।
जब आपको बेटी की तरफ से हुई इस पूरी घटना के बारे में पता चला, तब आपका क्या रिएक्शन था? उस वक्त आपके मन में क्या भावनाएं थीं?
‘जब हमें पूरी बात पता चली, तो दिल पर बहुत गहरा असर पड़ा। हमारी बेटी ने जो सपना देखा था, उसे पाने के लिए बहुत मेहनत की थी। लेकिन आधी रात को हमारे वकील ने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल (MGI) को नोटिस भेजा और सुबह सात बजे उन्होंने उसे हटा दिया, तो हम चौंक गए।
MGI कह रहा था कि उन्होंने पहले ही ये फैसला ले लिया था, लेकिन मेल और सोशल मीडिया देखकर साफ था कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई की। उस वक्त मेरे मन में गुस्सा, दुख और बेबसी तीनों थे। बेटी ने जो मेहनत से मुकाम पाया, उसके साथ ऐसा बर्ताव होना हमारे लिए बहुत बड़ा झटका था।’
क्या आपको लगा कि ये फैसला बेटी ने मजबूरी में लिया होगा या उसने अपनी मर्जी से ये कदम उठाया?
‘मैं दावे से कह सकता हूं कि ये फैसला उसने अपनी मर्जी से नहीं लिया। उसे मजबूरी में ऐसा करना पड़ा। कोई भी लड़की जिसने इतना कुछ पाया हो, वो यूं ही अपना ताज नहीं छोड़ती। लेकिन मेरी बेटी ने जो हिम्मत दिखाई, वो काबिले तारीफ है। आजकल बहुत सी लड़कियां चुप रह जाती हैं, लेकिन मेरी बेटी ने गलत के खिलाफ आवाज उठाई। उसने सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि और भी लड़कियों के लिए ये लड़ाई लड़ी है। मुझे उस पर फक्र है।’
ऐसी कौन सी बड़ी वजहें थीं, जिनकी वजह से ये सब हुआ? क्या सिर्फ काम से जुड़ी दिक्कतें थीं या कुछ पर्सनल भी?
‘सबसे बड़ी वजह पैसे की थी। जो वादे कंपनी ने किए थे, वो पूरे नहीं किए। बेटी ने अपनी मेहनत की कमाई से लाखों रुपये खर्च किए – होटल, फ्लाइट, खाना-पीना सब खुद मैनेज किया। उसे वहां ठीक से खाना भी नहीं मिल रहा था। वो वेगन है, लेकिन उसे बेसिक चीजें भी नहीं मिलीं। इंडिपेंडेंट बनने का उसका सपना टूट गया। सिर्फ पैसों की बात नहीं है, उसे इज्जत भी नहीं मिली। उसे अकेला छोड़ दिया गया, कोई केयर नहीं थी। ये सब उसके लिए बहुत भारी था।’
जब आपकी बेटी ने शो के दौरान हुए बर्ताव और तकलीफों के बारे में बताया, तो आपका क्या रिएक्शन था?
‘मुझे बहुत गुस्सा आया। बेटी को ठीक से खाना तक नहीं मिला, इससे बड़ा दुख क्या होगा? हमारे घर में तो हम बेटी को खुद खाना परोसते हैं और वहां उसे बाहर से ठंडा खाना मंगवाना पड़ा। उसे खुद को संभालना पड़ा, अकेले लड़ना पड़ा। मैं बस चाहता हूं लोग समझें कि मेरी बेटी ने किसी पर आरोप नहीं लगाए। उसने बस अपने हक की बात की है।’
बेटी ने बॉडी शेमिंग का भी जिक्र किया। क्या ऐसा वाकई हुआ?
‘हां, हुआ। मॉडलिंग में फिटनेस बहुत जरूरी होती है, लेकिन ना उसे जिम मिला, ना ठीक खाना। उसने एक्सरसाइज खुद करनी पड़ी, मां की मदद से। कंपनी ने उसकी सेहत या मानसिक स्थिति की कोई चिंता नहीं की। बस उससे काम करवाया गया और जब देने की बारी आई, तो सब पीछे हट गए। इतना ही नहीं, दिवाली पर गुरुद्वारे जाने की इजाजत दी, फिर मना कर दिया। एक पंजाबी लड़की के लिए ये बहुत दुखद था।’
क्या आपको लगता है कि आपकी बेटी के साथ मानसिक उत्पीड़न हुआ?
‘बिलकुल हुआ। ये साफ-साफ मानसिक उत्पीड़न था। उस पर झूठे इल्जाम लगाए गए, फेक फोटो वायरल किए गए – इससे बड़ा शोषण क्या होगा? जो संस्था महिला सशक्तिकरण की बात करती है, उसी के मंच पर ऐसा हो रहा है। ये शर्म की बात है। ये सब MGI नाम की संस्था में हुआ, जो बैंकॉक से चलती है और नवाड-टेरेसा नाम के लोग चलाते हैं। मैं चाहता हूं कि इनका लाइसेंस रद्द किया जाए और इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए, ताकि कोई और बेटी इसका शिकार ना बने।’
पिता होने के नाते आपको क्या महसूस हुआ जब आपकी बेटी इतनी परेशान थी और आप उससे दूर थे?
‘आज भी वो दिन याद है जब बेटी विदेश में थी और हम कुछ कर नहीं पा रहे थे। सोचकर खून खौल जाता है कि हमारी बेटी इतनी बड़ी प्रतियोगिता में गई और उसके साथ ऐसा बर्ताव हुआ।
उसे किसी तरह की कोई सुविधा नहीं दी गई। उसने कई बार मदद मांगी, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। वो हमारी बेटी थी, देश का नाम रोशन करने निकली थी, लेकिन वहां उसे मशीन की तरह ट्रीट किया गया। एक पिता के लिए ये बहुत तकलीफदेह है।’
क्या बेटी ने आपसे अपने मन की बात खुलकर कही? क्या आपको लगा कि वो अंदर से टूट रही थी?
‘हां, उसने खुलकर बात की। उसकी मां भी एक महीने उसके साथ थी और उन्होंने हालात अपनी आंखों से देखे। कंडीशन इतनी खराब थी कि उन्हें वापस आना पड़ा। जब बेटी इंडिया आई, तो हमें लगा कि अब चीजें ठीक होंगी, लेकिन तीन दिन बाद ही वो फिर लौट गई। वो अंदर से बहुत टूट चुकी थी। बहुत कुछ झेल चुकी थी।’
आपके हिसाब से कंपनी का रवैया कैसा था? क्या उन्होंने आपकी बेटी के साथ ठीक बर्ताव किया?
‘बिलकुल नहीं। उनका रवैया गैर-जिम्मेदाराना था। उन्होंने हर वादा तोड़ा। बेटी को अकेला छोड़ दिया, उसकी सेफ्टी या मेंटल हेल्थ की कोई फिक्र नहीं की। बस उसे काम करवाया गया और जब पैसे देने की बारी आई तो हाथ खड़े कर दिए।’
अब जब सब सामने आ गया है, आप क्या चाहते हैं? आपकी आगे की प्लानिंग क्या है?
'अब हमारा एक ही मकसद है। बेटी को फिर से मजबूत बनाना। हम हर कदम पर उसके साथ हैं। जो लोग दोषी हैं, उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए। हम लीगल एक्शन लेंगे। ऐसी संस्थाएं जो महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर धंधा चला रही हैं, उन्हें रोकना जरूरी है। हमारी बेटी चुप नहीं बैठेगी और हम भी नहीं।’
अंत में, आप उन माता-पिता को क्या कहना चाहेंगे जो अपने बच्चों के सपने पूरे करना चाहते हैं?
‘मैं बस यही कहना चाहूंगा… अपने बच्चों की बात सुनिए, उनके साथ खड़े रहिए। अगर कोई उनके साथ गलत करता है, तो डरिए मत। आवाज उठाइए। आज अगर हम चुप रहेंगे, तो कल और बच्चों के साथ भी यही होगा। मिलकर ऐसे सिस्टम को बदलना होगा जो बच्चों के सपनों का सौदा करता है।’
क्या है पूरा मामला?
बता दें पंजाब के जालंधर की रहने वाली 20 साल की मॉडल रेचल गुप्ता ने मिस ग्रैंड इंटरनेशनल के आयोजकों पर बड़े आरोप लगाए। हाल ही में अपने यूट्यूब चैनल पर मॉडल ने रोते हुए खिताब वापस करने की बात कही। 56 मिनट के इस इमोशनल वीडियो में रेचल ने संस्था पर जहरीला माहौल, वादाखिलाफी और गंदा बर्ताव करने के आरोप लगाए हैं।
संस्था ने भी दिया जवाब
रेचल के इस खुलासे और फैसले के बाद मिस ग्रैंड इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ने भी प्रतिक्रिया दी। मिस ग्रैंड इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन ने घोषणा की है कि रेचल गुप्ता का मिस ग्रैंड इंटरनेशनल 2024 का खिताब तत्काल प्रभाव से खत्म किया जा रहा है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि रेचल गुप्ता ने अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं किया, बिना अनुमति के बाहरी परियोजनाओं में भाग लिया और ग्वाटेमाला के ऑफिशियल सफर में शामिल होने से इनकार कर दिया। इस कारण संगठन ने उनका खिताब वापस लेने का फैसला किया है।