संगम में लगानी थी डुबकी
पंकज त्रिपाठी ने कहा, 'हमें संगम में डुबकी लगाना था तो वो भी इच्छा पूरी हुई। हर हर महादेव परमात्मा ने ये मौका दिया है कि हम आकर डुबकी लगा लिए। मुझे वट वृक्ष देखना था वो देख आए। बाकी सुबह संगम पर डुबकी लगा लिए। रात को किले से एरियल व्यू भी देख लिए। अब हमें निकलने दीजिए दूर जाना है और ट्रैफिक बहुत है।'