National Film Awards 2026: पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में दादा साहेब फाल्के सम्मान जाने-माने कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को प्रदान किया गया। राजकुमार के बाद अनंत नाग यह सम्मान पाने वाले दूसरे कन्नड़ कलाकार हैं।
भारतीय सिनेमा का यह सबसे बड़ा सम्मान भाषा नहीं, कला देखता है। 1969 से अब तक दिए गए 56 दादा साहेब फाल्के पुरस्कारों में से आधे, यानी 28 उन कलाकारों के हिस्से आए हैं जिनकी पहचान पूरी तरह या बड़े हिस्से में हिंदी से बाहर के सिनेमा से बनी।
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हिंदी सिनेमा की बात करें तो पहला ही फाल्के सम्मान देविका रानी को मिला था। शोमैन राज कपूर परिवार के तीन लोग इस सूची में शामिल हैं। फाल्के सम्मान की शुरुआत 1969 में धुंडिराज गोविंद फाल्के के जन्म शताब्दी वर्ष में हुई थी।
अनंत नाग के बारे में
अनंत नाग ने अपने 50 साल के करियर में 300 फिल्मों में अभिनय किया है जिनमें से 250 कन्नड हैं।
1948 में कर्नाटक के शिराली में जन्मे अनंत ने नाटकों से शुरुआत की, 1973 में संकल्प से फिल्मों में कदम रखा।
अंकुर, निशांत, मंथन और भूमिका जैसी फिल्मों ने उन्हें समांतर सिनेमा का जाना पहचाना चेहरा बनाया।
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सम्मान पाकर भावुक हुए अनंत नाग
- फोटो : वीडियो ग्रैब
56 बरसों का लेखा जोखा : बंगाल सबसे आगे, दक्षिण भी पीछे नहीं
अब 56 में से 25 सम्मान ऐसे कलाकारों को मिले जिनका काम मूल रूप से बांग्ला, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, मराठी या असमिया सिनेमा में रहा। तीन नाम ऐसे हैं जिनकी हैसियत हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा, दोनों में बराबर रही।
मराठी और हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री दुर्गा खोटे को 1983 में, दोनों भाषाओं मैं कालजयी फिल्में बनाने वाले वी. शांताराम को 1985 में और बांग्ला व हिंदी गायकी के शिखर मन्ना डे को 2007 में यह सम्मान मिला।
हिंदी के बाद सबसे बड़ी हिस्सेदारी बांग्ला सिनेमा की है। दस बांग्ला फिल्मकारों और कलाकारों को यह सम्मान मिला है। दक्षिण भारत में तेलुगु सिनेमा सबसे आगे है, जिसके छह दिग्गज यह सम्मान पा चुके हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करतीं यामी गौतम
- फोटो : सोशल मीडिया
सपना सच हो गया... सम्मान पाकर भावुक हुए सितारे
आर्टिकल 370 के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार लेते समय भावुक हुई यामी गौतम ने कहा, जीवन में हार न मानने का अपना मजा है। उनके पति आदित्य धर को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म आर्टिकल 370 के लिए पुरस्कार मिला। उन्होंने यामी को असली धुरंधर बताया। ममूटी के साथ संयुक्त रूप से मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार पाने वाले कार्तिक आर्यन ने कहा कि भावनाओं जताने के लिए शब्द नहीं है। उनका सपना सच हुआ है। चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले ममूटी ने ब्रह्मयुगम की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। स्वातंत्र्य वीर सावरकर के लिए निर्देशक की सर्वश्रेष्ठ पहली फिल्म का पुरस्कार लेते हुए रणदीप हुड्डा ने इसे अब तक की सबसे कठिन फिल्म बताया।
अब, पर्यटन स्थलों तक पहुंचेगा राष्ट्रीय फिल्म समारोह
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि फिल्म पुरस्कार समारोह को अब देश के बेहतरीन पर्यटन स्थलों पर ले जाया जाएगा। ताकि इसके सांस्कृतिक मकसद को हासिल किया जा सकें। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करते बाल कलाकार
- फोटो : सोशल मीडिया
5 बच्चों को मिला सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार
2024 के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का पुरस्कार पांच बच्चों में बंटा। इसमें बंगाली सिनेमा के तीन नन्हें कलाकारों ने अपना परचम लहराया। बंगाली फिल्म ऑको की कोठिन में गणित की पहेली में उलझे तीन बाल कलाकारों रिद्धिमान बनर्जी, तपोमय देब और गीताश्री चक्रवर्ती को उनके स्वाभाविक और सरल तथा शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त करतीं गायिका वैकोम विजयलक्ष्मी
- फोटो : सोशल मीडिया
अन्य प्रमुख पुरस्कार
नेत्रबाधित वैकोम विजयलक्ष्मी को मलयालम फिल्म एआरएम के गीत अंगू वाना कोनिलु के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का पुरस्कार मिला है।
सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार तमिल फिल्म अमरन के लिए राजकुमार पेरियासामी को प्रदान किया गया।
सहायक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भक्षक (हिंदी) के लिए संजय मिश्रा को प्रदान किया गया।
सहायक भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान महाराजा (तमिल) और मिथ्या (कन्नड़) के लिए सच्चाना नामीदास व रोपाश्री वर्काडी को संयुक्त रूप से दिया गया।