Umrao Jaan Re-Release: बॉलीवुड की कई हिट और यादगार फिल्में फिर से थिएटर में रिलीज की जा रही हैं। अब इसी कड़ी में अभिनेत्री रेखा की ब्लॉकबस्टर फिल्म भी री-रिलीज होने जा रही है। जानिए कब रिलीज होगी यह फिल्म।
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फिल्म ‘उमराव जान’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
साल 1981 के लिए दिए गए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अभिनेत्री रेखा के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, खय्याम को सर्वश्रेष्ठ संगीतकार, आशा भोसले को सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका और मंदूर को सर्वश्रेष्ठ कला निर्देशन के पुरस्कार दिलाने वाली हिंदी सिनेमा की कालजयी फिल्म ‘उमराव जान’ इस महीने के आखिर में फिर से सिनेमाघरों में पहुंच रही है। मिर्जा हादी रुसवा के 1899 में प्रकाशित उपन्यास पर बनी इस फिल्म का निर्देशन मुजफ्फर अली ने किया है।
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फिल्म ‘उमराव जान’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जानकारी के मुताबिक फिल्म ‘उमराव जान’ की रीलों को डिजिटल तरीके से समृद्ध किया गया है और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) व भारत के राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय (एनएफएआई) ने मिलकर फिल्म को फोर के रेजोल्यूशन में नई तकनीक के साथ सिनेमाघरों में दिखाए जाने के लिए तैयार किया है। फिल्म की री रिलीज के मौके पर निर्देशक मुजफ्फर अली एक बेहद खास कॉफी टेबल बुक का भी प्रकाशन भी करने जा रहे हैं।
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फिल्म ‘उमराव जान’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बताया जाता है कि इस कॉफी टेबल बुक में फिल्म ‘उमराव जान’ के निर्माण के पीछे के दुर्लभ दृश्यों को प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा इस किताब में फिल्म के सेट से पहले कभी न देखी गई तस्वीरों, कॉस्ट्यूम स्केच, सुलेख, कविता और निजी यादों को भी संग्रहीत किया गया है। फिल्म में रेखा पर फिल्माई गई खय्याम के संगीत में पगी शहरयार की रचनाओं में से, दिल चीज क्या है, इन आंखों की मस्ती और जुस्तुजू जिसकी थी, आज भी हिंदी सिनेसंगीत की धरोहर हैं।
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फिल्म ‘उमराव जान’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस बारे मे चर्चा चलने पर निर्देशक मुजफ्फर अली कहते हैं, "उमराव जान फिल्म एक खोई हुई संस्कृति, एक भूली हुई तहजीब की आत्मा की यात्रा थी। हमने उस युग की भव्यता को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है, जहां प्रेम और लालसा को लोग कविता में बोलते थे। मेरे पास ऐसे अभिनेता थे जिन्होंने अपने किरदारों में बहुत दम दिखाया, और फिर रेखा थीं, जिन्होंने उमराव जान को जिया और वास्तव में इसे अमर बना दिया। मैं रोमांचित हूं यह सोचकर कि यह फिल्म एक नई पीढ़ी के लिए बड़े पर्दे पर वापस आ रही है।”
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फिल्म ‘उमराव जान’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वहीं अभिनेत्री रेखा ने कहती हैं, "उमराव में मैंने अभिनय भले किया हो, पर वह मेरे भीतर रहती है, मेरे जरिए आज भी सांस लेती है। जब ये फिल्म बनी उस समय, हममें से कोई भी इस फिल्म के समय और काल से परे हो जाने की कल्पना भी नहीं कर सकता था। किसे पता था कि ये फिल्म भारतीय सिनेमा की आत्मा में धीरे-धीरे खुद को उकेर लेगी। इसे बड़े पर्दे पर वापस आते देखना ऐसा है जैसे किसी पुराने प्रेम पत्र को नई पीढ़ी द्वारा खोला जा रहा हो। ये बात करते समय मेरा मेरा दिल भर आया है।”
फिल्म ‘उमराव जान’
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
उमराव जान को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पहल राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन के तहत बहाल किया गया है। एनएफडीसी के एमडी प्रकाश मकदूम कहते हैं, "उमराव जान को बहाल करने के लिए एनएफडीसी-एनएफएआई ने फिल्म के निर्देशक मुजफ्फर अली के साथ लगभग एक साल काम किया है। फिल्म के मूल निगेटिव को खोजने में उनकी अहम भूमिका निगेटिव की स्थिति और सेल्यूलॉइड की नाजुक प्रकृति के कारण, फिल्म को 35 मिमी रिलीज प्रिंट का उपयोग करके बहाल किया गया जिसे दशकों से एनएफएआई में संरक्षित किया गया था।'