क्या है बायोपिक फिल्म का टाइटल?
एमएस अम्मा की बायोपिक का टाइटल 'एमएस - ए लेगेसी ऑन स्क्रीन' है। इसमें रश्मिका मंदाना सुब्बुलक्ष्मी का किरदार निभाने वाली हैं। सुपरस्टार कमल हासन ने इस फिल्म को लॉन्च किया। इवेंट में दिग्गज अभिनेता ने महान गायिका के किरदार को निभाने के दबाव की तुलना माइकल जैक्सन का किरदार निभाने से की।
कमल हासन का कहना है कि इस रोल को निभाने में वैसा ही दबाव महसूस होता है, जैसा माइकल जैक्सन जैसे ग्लोबल आइकॉन का किरदार निभाते समय किसी एक्टर को होता। बता दें कि एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती पर आधिकारिक तौर लॉन्च हुई इस फिल्म के टाइटल और फर्स्ट लुक से भी मेकर्स ने पर्दा उठाया।
कमल हासन ने दिया पहला क्लैप
इस लॉन्च इवेंट में कमल हासन ने पहला क्लैप दिया। कार्यक्रम में रश्मिका और कमल हासन के साथ अनुभवी प्रोड्यूसर मणिरत्नम भी शामिल हुए। इवेंट में रश्मिका ने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए आभार जताया। वहीं, कमल हासन ने एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की म्यूजिकल विरासत और उन्हें पर्दे पर पेश करने चुनौती के बारे में बात की।
कमल हासन ने एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की विरासत और संगीत में उनके योगदान के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग भाषाओं में गाए गए उनके गानों ने लोगों को एक साथ लाने में मदद की। उन्होंने कहा, 'अम्मा ने अपने संगीत के जरिए लोगों को जोड़ने का काम किया है'।
रश्मिका ने किया दर्शकों से यह वादा
इस किरदार को निभाने को लेकर रश्मिका ने इवेंट में कहा, 'आप सभी के सामने बोलते हुए बहुत गर्व महसूस हो रहा है। इस वक्त दिल में सिर्फ एक ही भावना है, और वह है आभार। आप सभी यहां अम्मा का जन्मदिन मनाने के लिए मौजूद हैं। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। दैवीय शक्ति से पूर्ण उनकी आवाज को सुनती हूं तो मुझे सचमुच ऐसा लगता है, जैसे मैं ईश्वर की उपस्थिति में बैठी हूं'। रश्मिका ने लोगों से यह वादा भी किया कि वह इस रोल के लिए वे अपना बेस्ट देंगी।
कार्यक्रम में भावुक हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी बंगलूरू में आयोजित मशहूर कर्नाटक गायिका एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की थी। इस दौरान एक गाना सुनते समय वे भावुक हो गईं। कार्यक्रम में सुब्बुलक्ष्मी की परपोतियों ने प्रस्तुति दी।
बता दें कि 6 सितंबर 1916 को मदुरै में जन्मीं सुब्बुलक्ष्मी सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ पाने वाली पहली संगीतकार थीं। उन्हें यह सम्मान साल 1998 में मिला था। वे साल 1966 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तुति देने वाली पहली भारतीय संगीतकार भी बनीं। 11 दिसंबर 2004 को चेन्नई में 88 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।