सिनेमा ने भाषाओं की सरहदों को पिछले कुछ साल में पूरी तरह मिटा दिया है। अजय देवगन और आलिया भट्ट निर्देशक राजामौली की अगली फिल्म आरआरआर की लीड कास्ट में शामिल हो चुके हैं। रजनीकांत और कमल हासन के बाद की तीसरी पीढ़ी की फिल्मों ने टेलीविजन पर ओरीजनल हिंदी फिल्मों को भी टीआरपी में पीछे छोड़ दिया है। उत्तर और दक्षिण के इस मिटते भेद का नया सस्पेंस है फिल्म, सुपर डीलक्स।
अपनी पहली ही फिल्म आरण्य कांदम से बेस्ट डायरेक्टर का नेशनल अवार्ड जीतने वाले निर्देशक त्यागराजन की अगली फिल्म का पूरे देश को इंतजार तब से है जब उन्होंने अपनी इस फिल्म के लिए राम्या और विजय सेतुपति के नामों का ऐलान किया। फिल्म इसी शुक्रवार को रिलीज हो रही है और दक्षिण की फिल्मों को उत्तर भारतीय दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कदम बढ़ा चुकी रिलायंस एंटरटेनमेंट ने इसका ट्रेलर बुधवार को रिलीज किया है।
त्यागराजन की पिछली फिल्म सिनेमा के छात्रों का सबक बन चुकी है। फिल्मेकिंग का पाठ उनकी ये दूसरी फिल्म भी है। सिनेमा दृश्य और श्रव्य माध्यम है लेकिन इस ऑडियो विजुअल मीडियम में साउंड का जितना बेहतरीन इस्तेमाल त्यागराजन के सिनेमा में दिखता है उतना हाल के दिनों में किसी भी भारतीय भाषा की फिल्म में कम ही देखने को मिला है।
ट्रेलर में विजय सेतुपति का किरदार शिल्पा कौतुहल जगाता है। इसे देखकर आपको महेश भट्ट की फिल्म सड़क की महारानी यानी सदाशिव अमरापुरकर का किरदार याद आ सकता है, लेकिन महारानी विकराल थी, शिल्पा यहां कमाल है।
जिंदगी और मौत के मुहाने के हालात बताती एक कविता नेपथ्य में चलती है और इसी कविता के स्वर के हिसाब से ट्रेलर एडिट किया गया है। हर सीन सस्पेंस है और हर किरदार क्लामेक्स। त्यागराजन की दूसरी फिल्म के लिए आठ साल का ये इंतजार रंग लाने वाला है।