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The Boys Season 4 Review: ‘द बॉयज’ के सीजन 4 ने ‘पंचायत 3’ को भी पीछे छोड़ा, एमजीएम अमेजन की बेहद खराब सीरीज

Fri, 14 Jun 2024 09:58 PM IST
रुपाली रामा जायसवाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

अमेजन प्राइम वीडियो के अपनी फिल्म निर्माण कंपनी अमेजन एजीएम स्टूडियोज की सोनी पिक्चर्स टेलीविजन के साथ बनाई सीरीज ‘द बॉयज’ का चौथा सीजन आ चुका है। ये कितना हिंसक है, इसे बताने के लिए इसके भारतीय धुरंधरों ने फिल्म ‘एनिमल’ के विलेन को ‘बेबी’ के तौर पर पेश करते हुए एक बेहद वाहियात कमर्शियल रिलीज किया है।
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द बॉयज सीजन 4 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
द बॉयज सीजन 4 (वेब सीरीज)
कलाकार
कार्ल अर्बन , जैक क्वैड , एंटनी स्टार , एरिन मोरियार्टी , जेसी टी उशर , लाज अलॉन्सो , चेस क्रॉफर्ड , सूसन हेवार्ड , वैलोरी करी और जैफ्री डीन मॉर्गन
लेखक
डेविड रीड , जेसिका चोउ और एली मोनाहन
निर्देशक
फिल स्ग्रीसिया , कैरन गोवियोला और फ्रेड टोए
निर्माता
अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और सोनी पिक्चर्स टेलीविजन
ओटीटी
अमेजन प्राइम वीडियो
रिलीज
13 जून 2024
रेटिंग
1/5

विस्तार
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कहानियां सुनाई जाती हैं, बनाई जाती हैं और बिगाड़ी भी जाती हैं। अमेजन प्राइम वीडियो के अपनी फिल्म निर्माण कंपनी अमेजन एजीएम स्टूडियोज की सोनी पिक्चर्स टेलीविजन के साथ बनाई सीरीज ‘द बॉयज’ का चौथा सीजन आ चुका है। ये कितना हिंसक है, इसे बताने के लिए इसके भारतीय धुरंधरों ने फिल्म ‘एनिमल’ के विलेन को ‘बेबी’ के तौर पर पेश करते हुए एक बेहद वाहियात कमर्शियल रिलीज किया है। हिंदी सिनेमा को नीचा दिखाते के लिए बने इस विज्ञापन में बॉबी देओल ने काम करके वैसे ही खुद को ‘बेबी’ देओल की उपाधि को सच साबित किया है, काश उन्होंने वाकई ये सीरीज देखी होती और इस सीरीज के प्रचार के लिए अपना मजाक उड़ाने वाले कमर्शियल में काम करने से पहले इसका उद्देश्य समझा होता।

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द बॉयज सीजन 4 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
‘द बॉयज’ का पहला सीजन जब आया था, तो इसमें काफी उम्मीदें थीं। ये फिल्म मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स के किरदारों के उत्कर्ष बिंदु पर एक ऐसा नया विचार लेकर आई थी, जिसे अगर ढंग से पेश किया गया होता तो सुपरहीरो फिल्मों पर बीते दो दशक से फिदा रहे युवा अगले दो दशक तक इस कहानी पर मोहित रह सकते थे। इसी कहानी ने दर्शकों के दिमाग में ये बीज बोया कि सुपरहीरो की शक्तियां मानव निर्मित हो सकती हैं। इसी कहानी ने ये भी बतानी की कोशिश कि एक सुपरहीरो का बच्चा भी सुपरहीरो हो सकता है और ये भी कि वह नहीं भी हो सकता है। बस इन दो तथ्यों की एक लाइन पर संतुलन न साध पाने की वजह से ‘द बॉयज’ की कहानी चौथे सीजन के आते आते छितरा चुकी है। ये खबर तो आप पढ़ ही चुके होंगे कि वेब सीरीज के पैकअप का आदेश हो चुका है और एक और सीजन भर ही दर्शकों को इसे और झेलना होगा।

द बॉयज सीजन 4 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जी हां, वेब सीरीज ‘द बॉयज’ का चौथे सीजन के अब तक रिलीज हुए तीन एपिसोड देखना भी एक उम्मीद भर वेब सीरीज का पतन देखने के कष्ट जैसा है। इसके अगले एपिसोड अब हफ्ते दर हफ्ते रिलीज होंगे और आखिरी एपिसोड तक पहुंचते पहुंचते इस सीरीज के प्रशंसक रहे दर्शकों में से कितने इसे देख रहे होंगे, कहना मुश्किल है। रौद्र, वीर, भयानक और वीभत्स होती जा रही इस सीरीज में अब अद्भुत जैसा कुछ नहीं बचा है। स्पेशल इफेक्ट्स का काम करने वाले परदे को खून से रंग देने के नए नए तरीके खोज रहे हैं और बॉबी देओल बता रहे हैं कि  उनकी फिल्म ‘एनिमल’ में दिखा खून खराबा इस सीरीज के आगे बच्चों के खेल जैसा है।

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द बॉयज सीजन 4 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कहानी वहीं से शुरू होती हैं जहां दो साल पहले ‘द बॉयज’ के सीजन 3 की थमी थी। सीरीज देखते हुए आपको अमेरिका में इन दिनों हो रही सियासी उथल पुथल से काफी समानताएं इस सीरीज में दिख सकती हैं। गार्थ एनिस की कॉमिक बुक से कहानियां लेकर एरिक क्रिपके ने इस सीरीज की शुरूआत की ही एक सियासी पिच पर गर्दा उड़ाने के उद्देश्य से थी। लेकिन, कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ी और इसमें अनगिनत लेखकों का आना जाना शुरू हुआ, किसी को पता ही नहीं है कि कब कहानी किस करवट बैठ जाए, लेट जाए या खड़ी हो जाए। अमेजन प्राइम वीडियो का ये सीरीज एक ऐसा प्रयोग बन चुकी है जिसमें सुपरहीरो के नाम पर अब कुछ भी बेहूदा दिखाया जा सकता है।

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द बॉयज सीजन 4 रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अगर आपने ‘द बॉयज’ सीरीज का स्पिन ऑफ ‘जेन फाइव’ नही देखी है तो आपको ये चौथा सीजन समझने में और दिक्कत आ सकती है। मार्वल स्टूडियोज वाले अपनी फिल्मों को स्कूली सिलेबस जैसा बनाने से अब बचने की कोशिश कर रहे हैं। अगले महीने रिलीज होने वाली फिल्म ‘डेडपूल एंड द वूल्वरीन’ के निर्देशक इसका खुलेआम बखान भी कर रहे हैं और यहां ‘बैड बॉयज’ की कहानी को ऐसा बना दिया गया है कि आप इसका एक सीन भी मिस करेंगे तो अगला सीन समझ नहीं आएगा।

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