गेम ऑफ थ्रोन्स एक फंतासी गाथा है। इसमें राजा हैं, रानियां हैं, साजिशें हैं, मुकाबले हैं और है प्यार, दोस्ती और रिश्तों की बनती बिगड़ती कहानियां। गेम ऑफ थ्रोन्स का पहला सीजन भी आठ साल पहले अप्रैल में ही शुरू हुआ था। साल 2011 से इस कहानी को लगातार देखते आ रहे दर्शकों के लिए इस बार का सीजन बहुत इमोशनल है।
जैसा कि आमतौर पर हर सुपरहिट वेब सीरीज के शुरूआती एपीसोड्स में होता है, गेम ऑफ थ्रोन्स के आठवें सीजन का पहला एपीसोड भी थोड़ा हल्का है। निर्देशक डेविड नटर ने इतने विशाल स्तर पर फैली इस कहानी का आठवां सिरा जहां से पकड़ा है, वह दर्शकों को थोड़ा चौंकाता भी है और हैरान भी करता है।
जॉन स्नो का विंटरफेल पहुंचना इस सिरे की असली कड़ी है। टिरियन और वैरीज की कहासुनी और नोंकझोंक के बीच कहानी आगे बढ़ती है और दूसरे एपीसोड में कहानी के ग्राफ को ऊपर ले जाने वाले आधार का काम करती है। किसी भी वेबसारीज की तरह यहां भी कहानी तब तक आपको समझ नहीं आएगी जब तक कि आप इसके पहले के सीजन नहीं देख सकते। भारत में ये वेब सीरीज हॉटस्टार पर उपलब्ध है।