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उंगलीः पढ़कर तय करें देखना है या नहीं?

Mon, 01 Dec 2014 01:41 PM IST
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई
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सितारों के नाम पर किसी फिल्म में कैसी अंधेरगर्दी हो सकती है, यह जानना हो तो उंगली देखिए। जेड प्लस के साथ इस सप्ताह सत्ता और व्यवस्था के रवैये पर उंगली उठाने वाली यह एक और फिल्म है, मगर दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है। उंगली सिर्फ सितारों और धन के दंभ पर बनी है, जिसमें कहानी के नाम पर छोटे-छोटे दृश्य गढ़े हुए हैं। इनमें कोई सिलसिला नहीं है। बेहद कमजोर स्क्रिप्ट के कारण आपको पूरी फिल्म बिखरी हुई दिखती है। सितारे यहां क्या कर रहे हैं, ऐसा लगता है कि उन्हें खुद नहीं पता।
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उंगली युवाओं के गुस्से को दिखाने की कोशिश करती है कि कैसे भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए वे ऐसा रास्ता अख्तियार कर लेते हैं, जो गैरकानूनी है। वे घूस लेने वालों के गले में बम बांध कर स्टेडियम का चक्कर लगवाते हैं, शहर में अपनी तारीफ के पोस्टर लगवाने वाले नेता के घर में घुस कर उसके घर को पोस्टरों से पाट देते हैं।

दूर की सवारी के लिए पास सवारी को न लेने वाले ऑटोरिक्शा वालों को मालगाड़ी में लाद कर मुंबई से दिल्ली भेज देते हैं, रिश्वतखोर ट्रेफिक इंस्पेक्टरों को करेंसी नोट खाने को मजबूर करते हैं। वगैरह वगैरह। कुछ महीने पहले उंगली की तर्ज पर ही फिल्म फगली आई थी, वह भी कमजोर होने के बावजूद उंगली से कहीं बेहतर थी।
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फिल्म में पांच युवाओं का एक गैंग है जो भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान छेड़े हुए है। पुलिस के साथ मीडिया भी जानना चाहता है कि आखिर इस गैंग में कौन-कौन है। सबने इसे उंगली गैंग का नाम दे रखा है। पब्लिक इसके कामों से खुश है। एसीपी काले (संजय दत्त) को इस गैंग को पकड़ने का जिम्मा दिया जाता है और वह अपने जूनियर इंस्पेक्टर (इमरान हाशमी) की मदद लेता है।

इंस्पेक्टर उस गैंग में शामिल हो जाता है मगर उनकी भावनाएं उसके इरादे बदल देती हैं। वह इस गैंग को पुलिस से पकड़वाने के बजाय उनका दोस्त बन जाता है। आखिर में भ्रष्ट वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का शिकार बनने एसीपी काले की मदद भी यही गैंग करता है!

लेखन-निर्देशन और अभिनय हर स्तर पर उंगली कमजोर फिल्म है। कोई आपसे इसे देखने को कहे तो आप साफ कह सकते हैं कि भाई उंगली मत कर। असल में इस फिल्म के सितारों को खुद अपनी गलती का एहसास हो चुका था और ज्यादातर ने इसके प्रचार में हिस्सा नहीं लिया।

कहने को यहां इमरान, कंगना, रणदीप, संजय दत्त और नेहा धूपिया हैं, परंतु किसी के फैन्स को यह फिल्म संतुष्ट नहीं करती। ऐसे में आप खुद आसानी से फैसला कर सकते हैं।
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