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यह प्रेम कहानी रास भी आ सकती है आपको

Fri, 04 Jul 2014 03:26 PM IST
रवि बुले/अमर उजाला मुंबई
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फिल्म लेकर हम दीवाना दिल युवाओं को ध्यान में रखकर रची गई एक प्रेम कहानी है। यह प्रेम कहानी आपको रास भी आ सकती है।
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नए चेहरों को लेकर किशोरावस्था की प्रेम कहानी बनाना निर्माता-निर्देशकों को ‘सेफ’ लगता है। उन्हें लगता है कि ऐसी फिल्म देखने के लिए नई पीढ़ी के दर्शक टूट पड़ेंगे। फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ हो जाएगी। लेकिन सच यह है कि ऐसा खयाल बचकाना है और ऐसी फिल्म बनाना बच्चों का खेल नहीं।

लेखक-निर्देशक आरिफ अली ने सुरक्षित शुरुआत के लिए अरमान जैन और दीक्षा सेठ को लेकर यह फिल्म बनाई है। फिल्म निराश करती है। आरिफ इम्तियाज अली के भाई हैं और उनकी ही तरह वह ऐसी फिल्म लाए हैं, जिसमें प्रेमी-प्रेमिका सफर पर रहते हैं। कामयाब भाई की मौजूदगी में तो आरिफ को खास तौर पर सावधान रहना चाहिए था कि उनकी छाप से बच कर रहें। खैर, अब यह असंभव है।
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यहां प्लॉट सैकड़ों फिल्मों पुराना है। कॉलेज में पढ़ने वाले डिनो (अरमान) और करिश्मा (दीक्षा) बहुत अच्छे दोस्त हैं। इतने अच्छे कि वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं, मेड फॉर ईच अदर हैं। यह बात उनके दोस्तों को पता है, मगर दोनों को नहीं। दोनों बीयर बार में बैठ कर खूब बीयर पीते हैं। एक दिन जब पता चलता है कि करिश्मा के परिवार ने उसकी शादी के लिए लड़का ढूंढ लिया है तो दोनों को एहसास होता है कि वे अलग होकर जी नहीं सकेंगे। वे भाग निकलते हैं।

मुंबई से गोवा और रायपुर होते हुए दंतेवाड़ा तक पहुंचते हैं। जहां नक्सली उन्हें मिलते हैं। डायरेक्टर ने यहां नक्सलियों के बीच आइटम डांस रखा है! इस यात्रा में डिनो और करिश्मा के बीच छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई शुरू हो जाती है और वे एक-दूसरे से नफरत करने लगते हैं। घर लौट आते हैं। अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने के लिए। परंतु कुछ समय बाद फिर उन्हें लगता है कि नहीं... उनके बीच प्यार अभी बाकी है! कहानी नए सिरे से बढ़ती और प्यार अंजाम तक पहुंचता है।

फिल्म की स्क्रिप्ट खराब है और आरिफ ने युवा ऐक्टरों के साथ अन्याय किया है। दीक्षा तो भी कुछ दृश्यों में अच्छी लगी हैं और उम्मीद जगाती हैं कि वे बॉलीवुड फिल्मों में सही मौके मिलने पर कुछ कर सकती हैं। परंतु अरमान जैन का स्क्रीन प्रेजेंस असर नहीं छोड़ता।
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वे कपूर खानदान के राजीव उर्फ चिंपू की याद दिलाते हैं, जो पिता की तमाम कोशिशों के बावजूद बड़े पर्दे पर नहीं चमक सके। एक फिल्म से ऐक्टरों का पूरा आकलन तो नहीं हो सकता, लेकिन इतना जरूर है कि इस फिल्म ने उनके आगे का रास्ता कठिन बना दिया है। अरमान और दीक्षा, दोनों को इस फिल्म से अपनी फैन फॉलोइंग बना पाना मुश्किल होगा। एक बात और... एआर रहमान का संगीत अब प्रभावित नहीं करता। बात सिर्फ इस फिल्म की नहीं है।
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