अब उस्ताद तफू खान के इस बयान का जवाब देते हुए मेहदी हसन साहब के बेटे इमराम मेहदी हसन ने कहा, "इसी हवाले से मैं उनको यह मैसेज देने आया हूं कि उस्ताद तफु साहब आपके परिवार से हमारे बहुत अच्छे ताल्लुकात हैं। हमने जब से होश संभाला तब से आपकी और आपके परिवार की हमेशा इज्जत की है।"
हाल ही में, सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी संंगीतकार उस्ताद तफु खान का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह शहंशाह-ए-गजल मेहदी हसन की आवाज की आलोचना करते नजर आए। इस वीडियो में उस्ताद तफु खान ने मेहदी हसन की आवाज 'भगवान के चपरासी की आवाज' कहा है, जो उनके फैंस के साथ दिवंगत सिंगर के परिवार को भी पसंद नहीं आया है। अब मेहदी हसन के बेटे इमरान हसन ने इस वीडियो को लेकर उस्ताद तफु खान को जवाब दिया है।
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उस्ताद तफू खाने कही थी यह बात
एक इंटरव्यू में उस्ताद तफू खान से एक होस्ट ने पूछा था कि लता मंगेशकर कहती हैं कि मेहदी हसन साहब के गले में भगवान बोलते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उस्ताद तफु खान ने कहा, "नहीं, मेहदी हसन साहब सिर्फ फ्लैट स्केल पर गाते थे। वहां से ऊपर जाता था तो उनकी आवाज खिंच जाती थी। यह तो होना नहीं चाहिए, उनके गाने का सिर्फ बेस बोलता था। तो जो कहते थे कि भगवान था गले में वो भगवान का कोई चपरासी होगा।"
मेहदी हसन के बेटे ने दिया जवाब
अब उस्ताद तफू खान के इस बयान का जवाब देते हुए मेहदी हसन साहब के बेटे इमराम मेहदी हसन ने कहा, "इसी हवाले से मैं उनको यह मैसेज देने आया हूं कि उस्ताद तफु साहब आपके परिवार से हमारे बहुत अच्छे ताल्लुकात हैं। हमने जब से होश संभाला तब से आपकी और आपके परिवार की हमेशा इज्जत की है। हमेशा आपको तफु अंकल कहकर बुलाया। हमेशा सिर झुकाकर आपके सामने मिले। मेरे पिता के साथ फिल्म इंडस्ट्री आपका बहुत साथ साथ रहा। आप लोगों ने साथ में मिलकर काम किया है।"
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इमरान मेहदी हसन को सुनाई खरी-खोटी
उन्होंने आगे कहा, "मेरे वालिद साहब के जाने के बाद आपके मुंह से यह अल्फाज निकले और जिस तरह से आपने मेरे पिता शहंशाह-ए-गजल मेहदी हसन के हवाले से जो बातें की हैं। मैं आपसे ऐसी बातों की उम्मीद नहीं कर रहा था। क्योंकि आपने मेरे पिता के हवाले से बात की है तो आपके और आपके परिवार की जो इज्जत थी हमारे घर में वो खत्म आपने अपने हाथ से की है। मेरे आपसे यही सवाल है कि क्या आप वाकई मेहदी हसन साहब को उनके फन के हवाले से जानते थे? मेरा यह ख्याल नहीं है, अगर आप जानते तो आप इस तरह की घटिया बात नहीं करते। वो शहंशाह-ए-मौसिकी हैं। उन्होंने सिर्फ गजल ही नहीं गाया, उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग भी है। आपको तमीज से बात करनी चाहिए। मेहदी हसन एक सदी हैं। मेहदी हसन ने आपको भी अमर कर दिया है। उनकी गायकी को समझने के लिए एक पूरी जिंदगी चाहिए।"