बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचे कुणाल
कुणाल ने 5 अप्रैल 2025 को हाई कोर्ट में याचिका दायर की। उनके वकील ने दलील दी कि उनके खिलाफ दर्ज शिकायतें उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। इसमें बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी, पेशा चुनने का अधिकार और जीवन व स्वतंत्रता का अधिकार शामिल हैं, जो भारत के संविधान में दिए गए हैं। उनके वकील नवरोज सीरवई ने सोमवार को न्यायमूर्ति सारंग कोटवाल और न्यायमूर्ति एस एम मोदक की पीठ के समक्ष याचिका का उल्लेख किया और तत्काल सुनवाई की मांग की। सीरवई ने पीठ को सूचित किया कि कुणाल कामरा को मद्रास उच्च न्यायालय से सोमवार तक अंतरिम राहत मिली है, लेकिन इसके बावजूद मुंबई पुलिस उन्हें उनके समक्ष पेश होने के लिए समन जारी कर रही है। पीठ ने कहा कि वह मंगलवार (8 अप्रैल) को याचिका पर सुनवाई करेगी।
Peddi: जानें कब सामने आएगा राम चरण की ‘पेड्डी’ का हिंदी टीजर, दर्शक कर रहे इंतजार
क्या है पूरा मामला?
कुणाल कामरा ने अपने एक शो में एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा था। उन्होंने फिल्म दिल तो पागल है के एक गाने को बदलकर संशोधित संस्करण में 'गद्दार' शब्द का उपयोग किया था। साथ ही, उन्होंने शिंदे के उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करने पर भी मजाक उड़ाया। इस टिप्पणी से नाराज शिवसेना विधायक मुरजी पटेल ने कॉमेडियन के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी थी। इसके बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(बी) और 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज कल ली थी।
पुलिस के समन अब तक नहीं दिया जवाब
मुंबई पुलिस ने कुणाल को पूछताछ के लिए अब तक तीन बार समन भेजे हैं, लेकिन वह अब तक अपना बयान दर्ज कराने के लिए पेश नहीं हुए हैं। कुणाल तमिलनाडु के स्थायी निवासी हैं और पिछले महीने उन्होंने इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट से अंतरिम ट्रांजिट अग्रिम जमानत हासिल की थी। अब वह बॉम्बे हाई कोर्ट से इस एफआईआर को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहे हैं।