करण ओबेरॉय को साल 2019 में जेल जाना पड़ा था। अपने उन मुश्किल के दिनों को याद करते हुए करण कहते हैं, 'मैंने अपने पूरे जीवन में एक ट्रैफिक सिग्नल तक को नहीं तोड़ा था। मैं जब जेल में था तब मैं सोचता था कि आखिर मैं यहां कैसे पहुंच गया'।
'बैंड ऑफ बॉयज' के मशहूर गायक और अभिनेता करण ओबेरॉय इन दिनों एक बार फिर से चर्चा में बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही अभिनेता और गायक अपने बैंड के साथ वापसी करने की सोच रहे हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान वे अपने जेल के दिनों को याद करते दिखे। साथ ही साथ उन्होंने उस दौरान जो कुछ भी महसूस किया उसे अपने फैंस के संग साझा किया है।
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लगता था कि अब सब कुछ खत्म हो गया
करण ओबेरॉय को साल 2019 में जेल जाना पड़ा था। अपने उन मुश्किल के दिनों को याद करते हुए करण कहते हैं, 'मैंने अपने पूरे जीवन में एक ट्रैफिक सिग्नल तक को नहीं तोड़ा था। मैं जब जेल में था तब मैं सोचता था कि आखिर मैं यहां कैसे पहुंच गया। जेल जाना मेरे लिए आंखें खोलने वाली घटना थी। मैंने जेल में कई दिनों तक खाना नहीं खाया और न ही मैं सो पा रहा था। एक वक्त पर तो मुझे ऐसा लगने लगा था कि मेरे लिए अब सब कुछ खत्म हो गया है'।
लगा नहीं था कि जिंदा जेल से निकलूंगा
करण ओबेरॉय अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'मैं अक्सर खुद से पूछता था कि मैं इन अपराधियों के बीच कैसे पहुंच गया। मुझे लगने लगा था कि मैं यहीं मर जाऊंगा। अब जेल से बाहर मैं जिंदा नहीं जाऊंगा, लेकिन उन मुश्किल दिनों में अनजान लोगों ने मेरे दुआएं पढ़ीं, मेरे लिए वे जेल के बाहर लड़ाई लड़ रहे थे। मुझे इस बात से काफी हिम्मत मिली थी'।
जेल जाकर जिंदगी को जाना
45 वर्षीय अभिनेता करण ओबेरॉय एक बार फिर से अपने करियर पर फोकस कर रहे हैं। जल्द ही वे अपने बैंड के साथ वापस आने वाले हैं। करण कहते हैं, 'मैंने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर में जिंदगी के अर्थ को सही मायने में समझा। मैंने जेल जाने के बाद मनुष्य के जीवन को अधिक सम्मान देना सीखा। मैं अब तो खुली हवा में सांस लेने के लिए भी प्रकृति को धन्यवाद देता हूं। मैं अपने जीवन के प्रति काफी शुक्रगुजार हो गया हूं'।