जेसन शाह ने संजय लीला भंसाली के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा, 'जब मैं उनसे पहली बार मिला तब वे बेरुखी से मुझ से मिले थे। मैं उनके ऑफिस में बैठ कर उनका इंतजार कर रहा था तब वे कमरे में आए और कुछ ढूंढने लगे'।
अभिनेता जेसन शाह इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। दर्शकों को 'हीरामंडी: द डायमंड बाजार' में उनका किरदार काफी पसंद आया है। संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित इस शो में वे ब्रिटिश अधिकारी 'एलिस्टेयर कार्टराईट' की भूमिका में नजर आए थे। उनका इस शो में किरदार निगेटिव था। पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान वे 'हीरामंडी' के सेट पर हुए अनुभवों को साझा करते दिखाई दिए।
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आत्मीयता का अभाव महसूस हुआ
जेसन शाह ने संजय लीला भंसाली के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए कहा, 'जब मैं उनसे पहली बार मिला तब वे बेरुखी से मुझ से मिले थे। मैं उनके ऑफिस में बैठ कर उनका इंतजार कर रहा था तब वे कमरे में आए और कुछ ढूंढने लगे। उस दौरान बिना किसी आत्मीयता के उन्होंने मुझसे हाय कहा था। मुझे उनका वह हाय किसी भी तरह से जान-पहचान करने जैसा व्यवहार नहीं लगा था'।
लोगों से नहीं करवाई गई पहचान
'हीरामंडी' स्टार जेसन आगे कहते हैं, 'मैंने सेट पर महसूस किया था कि यहां सामान्य इंसानी व्यवहार की कमी है। अब देखिए मुझे सबसे इंट्रोड्यूस नहीं करवाया गया था। अगर मुझे सिर्फ इतना कह दिया जाता कि 'हेलो जेसन आज आप इस निर्देशक के साथ काम करने वाले हैं', मैं उसी से खुश हो जाता, लेकिन वहां यह भी नहीं होता था। मैंने खुद को काफी अलग-थलग महसूस किया जो मुझे काफी अलग लगा था'।
किरदार के लिए शायद यही जरुरी था
जेसन शाह 'हीरामंडी' में खलनायक की भूमिका में नजर आए थे। अभिनेता कहते हैं, 'बाद में मुझे लगा कि शायद मेरे किरदार के लिए यह व्यवहार जरुरी था। मैं खलनायक की भूमिका निभा रहा था इसलिए मुझे क्रू से अलग-थलग रखा जाता था ताकि मेरी नाराजगी उभर कर दिख सके। खैर मुझे लगता है कि कभी भी किसी इंसान का दूसरे इंसान के साथ बातचीत करने से मेरे किरदार पर कोई अलग असर पड़ता। मेरे लिए यह अनुभव काफी अलग किस्म का था'।