ऑस्कर के लिए भारत की ओर से भेजी गई नीरज घेवान की फिल्म ‘होमबाउंड’ अब सिनेमाघरों में भी रिलीज हो चुकी है। कान और टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल समेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘होमबाउंड’ ने काफी सराहना बटोरी है। लेकिन इतनी सारी प्रशंसा और ऑस्कर में जाने तक जैसी उपलब्धि हासिल करने के बाद जब ‘होमबाउंड’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तब उसे वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला जैसा मिलना चाहिए।
अच्छे सिनेमा को क्यों नहीं मिलते दर्शक?
‘होमबाउंड’ जब सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो उम्मीद थी कि ऑस्कर में ऑफिशियली भेजे जाने के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन करेगी। लेकिन नतीजा उम्मीदों से बिल्कुल विपरीत सामने आया है। क्योंकि शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन सिर्फ 30 लाख रुपए की ही कमाई की। जो ईशान खट्टर और जान्हवी कपूर की बाकी फ्लॉप फिल्मों से भी कम है। ऐसे में सवाल यह ही उठता है कि जिस फिल्म को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इतनी प्रशंसा मिल रही हो, कई फेस्टिवल्स में फिल्म को सराहा गया हो और भारत की तरफ से ऑस्कर में भेजी गई हो। वह फिल्म जब देश में रिलीज होती है, तो टिकट खिड़की पर दर्शकों का मुंह ताकती रहती है। एक तरफ हम अच्छे सिनेमा की बात करते हैं और यह उम्मीद करते हैं अच्छा सिनेमा बने। दूसरी ओर जब ऐसा सिनेमा बनता है, तो उसे दर्शक नहीं मिलते हैं। कहीं न कहीं ‘होमबाउंड’ की इतनी खराब ओपनिंग सवाल जरूर खड़े करती है।
मिलेगा वीकेंड का फायदा?
हालांकि, आने वाले दो दिन वीकेंड के हैं। ऐसा माना जाता है कि वीकेंड पर फिल्मों की कमाई बढ़ती है, क्योंकि शनिवार-रविवार को छुट्टी में लोग परिवार के साथ सिनेमा देखने पहुंचते हैं। अब देखना ये है कि क्या ‘होमबाउंड’ को भी इस वीकेंड का कोई लाभ मिलता है या नहीं। हालांकि, वीकेंड पर भी ‘होमबाउंड’ की कमाई में कोई बड़ी उछाल आने की उम्मीद नहीं लगती है। जबकि ‘होमबाउंड’ के साथ कोई दूसरी बड़ी बॉलीवुड फिल्म रिलीज भी नहीं हुई है। सिर्फ पवन कल्याण की ‘दे कॉल हिम ओजी’ सिनेमाघरों में बनी हुई है। इसकी भी प्रमुख कमाई तेलुगु में है। ऐसे में सवाल ये ही कि आखिर लोग ‘होमबाउंड’ देखने क्यों नहीं पहुंच रहे हैं?