'विदेश में पली-बढ़ी पर दिल से देसी हूं'
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट साझा किया है। इसमें एक वीडियो है, जिसमें फिल्म 'नया दौर' का गाना 'ये देश है वीर जवानों का' और 1986 की फिल्म 'कर्मा' की झलकियां हैं। इसके साथ सायरा बानो ने लिखा है, 'कई बार मैं ठहरकर सोचने लगती हूं कि मेरे लिए यह सफर कैसे शुरू हुआ और आज यह सफर मुझे कितनी दूर ले आया है। मैं एक अंग्रेजी समाज में पली-बढ़ी हूं, लेकिन मेरा दिल हमेशा से ही अपनी खूबसूरत मातृभूमि भारत से जुड़ा रहा है। चाहे फिर वह अदब की बात हो, जो मुझे और सुल्तान भाई को अप्पाजी ने बड़े ही प्यार और सलीके से सिखाई। या फिर यहां के लजीज व्यंजन हों, जिन्हें मैंने खूब स्वाद से खाया है। मैं हमेशा अपनी मातृभूमि की परंपराओं की ओर आकर्षित रही हूं, चाहे फिर कभी इससे मीलों दूर से ही क्यों न रही हूं, यह हमेशा याद रही'।
'दिलीप कुमार ने बखूबी समझे आजादी के मायने'
अभिनेत्री ने आगे कहा, 'दिलीप साहब एक सच्चे देशभक्त थे, जिन्होंने न सिर्फ अपनी कला के जरिए सेवा की, बल्कि अपने उदार धर्मार्थ कार्यों के जरिए भी लोगों को अपना सब कुछ दिया। उन्हें जानने का सौभाग्य पाने वाले सभी लोग उनसे प्यार करते थे। हमारे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू साहब, अटल बिहारी वाजपेयी साहब और नरसिम्हा राव साहब जैसे प्रिय मित्रों से लेकर हमारे समय के प्रमुख वकीलों, अर्थशास्त्रियों और उद्योगपतियों तक सबका स्नेह उन्हें प्राप्त हुआ। अपने पूरे जीवन में, दिलीप साहब ने कुछ आदर्शों को बनाए रखा और आज भी मैं इस बात से हैरान हूँ कि उन्होंने यह सब कैसे किया? मुझे लगता है कि उन्होंने यह बात समझी कि सच्ची आजादी सिर्फ अधिकार नहीं है, बल्कि उस भूमि को वापस कुछ लौटाने की जिम्मेदारी भी है, जिसने हमारे कार्यों का भार उठाया है। लोगों का उत्थान करना हमारा धर्म है'।