ओडिया संगीत की लोकप्रिय और मशहूर आवाज गीता पटनायक का कटक के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, परिवार के एक सदस्य ने बताया कि उन्हें पिछले सप्ताह मस्तिष्क आघात के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान रविवार शाम में 73 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
ब्रेन स्ट्रोक बना मौत की वजह
इससे पहले गुरुवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान तबीयत खराब होने पर उन्हें कटक के कैपिटल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में हुई जांचों से पता चला कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। इसके बाद गायिका को कटक के एक निजी अस्पताल में भेजा गया। उनके बहनोई प्रदोश पटनायक ने बताया कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने रविवार को उन्हें मस्तिष्क मृत घोषित कर दिया। उन्होंने आगे बताया कि गायिका के पार्थिव शरीर को आज (सोमवार) कटक स्थित उनके आवास पर ले जाया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पांच दशक से भी लंबा रहा करियर
गीता पटनायक का करियर पांच दशकों से अधिक समय तक चला। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई कलाकारों और संगीतकारों के साथ काम किया, लेकिन उन्हें दिग्गज ओडिया गायक अक्षय मोहंती के साथ गाए गए गीतों के लिए सबसे अधिक जाना जाता है। उन्होंने कई लोकप्रिय ओडिया गीतों को अपनी आवाज दी, जिनमें फिल्म 'जाजाबार' का 'फुर किना उदिगला बानी' विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
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मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया दुख
गीता पटनायक के निधन पर न केवल संगीत और मनोरंजन जगत से बल्कि ओडिशा के नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने गीता पटनायक के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘प्रख्यात गायिका गीता पटनायक के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ। उनका जाना ओडिशा के संगीत और संस्कृति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस दुख की घड़ी में, मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और भगवान श्री जगन्नाथ से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।’
जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘उनकी सुरीली आवाज ने ओडिया संगीत को हर घर तक पहुंचाया और उनके गीत हमेशा याद रहेंगे।’