टीम ने जारी किया प्रेस नोट
इस मामले में मेगा स्टार चिरंजीवी की लीगल टीम ने भी एक प्रेस नोट साझा किया है। इसके अनुसार, चिरंजीवी मर्चेंडाइज, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से उनकी पहचान संबंधी प्रतीकों के बड़े पैमाने पर बिना इजाजत इस्तेमाल को रोकने के लिए कोर्ट से दखल देने की मांग की है।
आदेश में क्या कहा गया?
कोर्ट ने आदेश में कहा कि इंडस्ट्री के मशहूर हस्तियों में शुमार चिरंजीवी की प्रतिष्ठा और पब्लिक में इमेज को डिफेंडेंट पार्टियों के कामों से नुकसान हुआ है। खासकर बिना इजाजत के नाम, इमेज का इस्तेमाल, वीडियो मीम्स और मर्चेंडाइज की बिक्री के जरिए। साथ ही आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि अभिनेता के व्यक्तित्व प्रतीकों का इस तरह का गलत इस्तेमाल और गलतबयानी, खासकर डिजिटल और AI मीडियम के जरिए, चिरंजीवी की छवि और आर्थिक हितों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाता है।
व्यक्तित्व प्रतीकों के बिना अनुमति इस्तेमाल पर रोक
इस आदेश में कहा गया है कि चिरंजीवी का नाम, स्टेज टाइटल (जिसमें 'मेगा स्टार', 'चिरू' और 'अन्नय्या' शामिल हैं), आवाज, इमेज, या अन्य व्यक्तित्व प्रतीकों का किसी भी तरह के कमर्शियल या पर्सनल फायदे के लिए सभी फॉर्मेट और मीडिया में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष इस्तेमाल कानूनी रूप से गलत है। आदेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि सभी रेस्पोंडेंट्स को तुरंत नोटिफिकेशन भेजा जाए और आगे की कार्यवाही 27 अक्तूबर 2025 को तय की गई है।