लैरी एक भावनात्मक भूत है जिसे लोगों को परेशान करने की बजाय दोस्त बनाने की आदत है। हालांकि, उसकी दोस्ती का जज्बा ही लोगों को डरने पर मजबूर करता है। फिल्म 'कम प्ले' के निर्देशक जैकब ने बताया कि उन्होंने इस भूत लैरी को आधी कठपुतली से बनाया है और आधे को तैयार किया गया पोशाकों के जरिए। जैकब को चाहिए था कि जब कलाकार सिर्फ कल्पनाओं में अभिनय करते हैं तो वह बात निकल कर सामने नहीं आती जो उन्हें सामने चीजें देखकर अभिनय करने में निकल कर आती है। सामने चीजों का होना तब और भी ज्यादा जरूरी है जब काम बच्चों के साथ हो रहा हो।
जैकब के मुताबिक फिल्म 'कम प्ले' के कलाकारों ने काम और भी अच्छा किया है क्योंकि शूटिंग के दौरान सेट पर लैरी हमेशा मौजूद रहा। उसने वातावरण ऐसा बनाया कि सबने बिना किसी परेशानी के अपना काम भली-भांति किया। लैरी के सामने अभिनय करना ठीक वैसा ही था, जैसा किसी एक कलाकार के सामने कोई दूसरा कलाकार अभिनय कर रहा हो। हालांकि, लैरी जब शूटिंग के दौरान हरकत में आता तो इस कठपुतली को चलाने में भी सेट पर कभी-कभी तीन तो कभी चार लोगों को लगना पड़ता था। इससे तकनीकी विभाग का काम काफी बढ़ गया।
हॉरर फिल्मों में मानव जैसे न दिखने वाले या फिर हड्डियों का ढांचा होने वाले भूत प्रेत अक्सर स्पेशल इफेक्ट्स और वीएफएक्स के जरिए ही बनाए जाते हैं। ऐसा बहुत कम होता है जब इस तरह के भूत प्रेतों को कठपुतली से बनाया जाए। फिल्म 'कम प्ले' अमेरिका में 30 अक्टूबर को रिलीज हो चुकी है। दर्शकों और समीक्षकों से फिल्म को मिली जुली प्रतिक्रिया मिली। अब देश में भी सिनेमाघर खुल चुके हैं इसलिए इस शुक्रवार को यह फिल्म यहां भी रिलीज होगी। इस फिल्म का मुकाबला बॉक्स ऑफिस पर जॉम्बी थ्रिलर फिल्म 'पेनिनसुला' से होगा। ये फिल्म एक और जॉम्बी थ्रिलर फिल्म ‘ट्रेन टू बुसान’ की सीक्वेल है।
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