फिल्मों और टेलीविजन पर लगाई जाने वाली सेंसरशिप को लेकर इद्रिस एल्बा मुखर हो चले हैं। उन्होंने कहा कि जातिवाद पर आधारित फिल्में और धारावाहिकों को सेंसर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि ये समाज का आईना हैं।
इद्रिस एल्बा ने कहा, 'मैं सेंसरशिप में विश्वास नहीं करता, मेरा मानना है कि हमें वह कहने की अनुमति दी जानी चाहिए जो हम कहना चाहते हैं। मैं बोलने की स्वतंत्रता पर बहुत यकीन करता हूं।'
उन्होंने कहा, 'समाज की किसी सच्चाई का मजाक उड़ाने के लिए, आपको पहले सच्चाई पता होनी चाहिए। किसी शो की तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए इसके अंदर नस्ली थीम को सेंसर करना..मेरे ख्याल से दर्शकों को यह जानना चाहिए कि इस तरह के कार्यक्रमों को लोगों ने ही बनाया है।'
इद्रिस एल्बा ने आगे कहा, 'दर्शकों को समझना चाहिए कि वे कहां जा रहे हैं। मैं सेंसरशिप में यकीन नहीं करता हूं। मेरा मानना है कि हमे जो कहना है, हमें उसे बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए, क्योंकि आखिरकार हम कहानीकार हैं।'
गौरतलब है कि अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लाइड की मौत के बाद नस्लभेद का मुद्दा छाया हुआ है। दुनियाभर को इस घटना ने प्रभावित किया है। इसी के चलते कई धारावाहिक और फिल्मों पर रोक लगा दी गई है।
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