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Glass Onion Review: बिना बंदूक वाले जासूस से सुनिए आलीशान महल की सत्यकथा, ‘ओम शांति ओम’ के रंग भी नजर आएंगे

सार

फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ को देखने का सबसे बड़ा आकर्षण इसके मुख्य अभिनेता डेनियल क्रेग ही हैं। इस बार वह एक ऐसे द्वीप पर खुद को पाते हैं जहां एक बेहद रईस शख्स ने अपने दोस्तों को सप्ताहांत की पार्टी के लिए बुलाया है।
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डैनियल क्रेग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Movie Review
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कलाकार
डेनियल क्रेग , जनेल मोने , एडवर्ड नॉर्टन , कैथरीन हान , लेसजी ऑडम जूनियर , जेसिका हेनविक , मेडेलिन क्लाइन और केट हडसन और डेव बटिस्टा
लेखक
रियान जॉनसन
निर्देशक
रियान जॉनसन
निर्माता
रैम बर्गमैन और रियान जॉनसन
रिलीज डेट
23 दिसंबर 2023
ओटीटी
नेटफ्लिक्स
रेटिंग
2/5

विस्तार
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करिश्माई अभिनेता डैनियल क्रेग जेम्स बॉन्ड फ्रैंचाइजी से रिटायर हो चुके हैं। रियान जॉनसन भी फ्रेंचाइजी फिल्म ‘स्टार वार्स: द लास्ट जेडाई’ के निर्देशन का अनुभव रखते हैं। दुनिया भर में मशहूर दो बेहतरीन फ्रेंचाइजी फिल्म सीरीज से जुड़े रहे इन दोनों हुनरमंदों का पहला संगम तीन साल पहले फिल्म ‘नाइव्स आउट’ में हुआ। विरासत के बंटवारे में अटकी एक मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए जासूस बेनवा ब्लॉन्क (Benoit Blanc) का आगमन हुआ। शेरलॉक होम्स और अगाथा क्रिस्टी जैसी उलझनों से गुजरते ब्लॉन्क ने कई गुत्थियों को सुलझाया और फिल्म नेटफ्लिक्स को इतनी पसंद आई कि तुरंत इसकी सीक्वल बनाने का भी एलान हो गया। किसी शानदार कहानी का सीक्वल बनाना आसान नहीं होता। खासतौर से तब जब उसके मुख्य किरदार को एक नई कहानी में नए किरदारों के साथ पेश करना हो। फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ के साथ ‘ए नाइव्स आउट मर्डर मिस्ट्री’ इसीलिए जोड़ा गया है ताकि लोगों को इस जासूस का पिछला कारनामा तुरंत याद आ सके। कहानी इस बार एक निजी द्वीप पर बसे आलीशान महल में होने वाली हत्या को सुलझाने की है।

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फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
डैनियल क्रैग के करिश्मे पर टिकी फिल्म
फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ को देखने का सबसे बड़ा आकर्षण इसके मुख्य अभिनेता डेनियल क्रेग ही हैं। इस बार वह एक ऐसे द्वीप पर खुद को पाते हैं जहां एक बेहद रईस शख्स ने अपने दोस्तों को सप्ताहांत की पार्टी के लिए बुलाया है। पार्टी का न्यौता इतना खास है कि उसके जरिये ये मेजबान अपने इन मेहमानों का ठीक ठाक आईक्यू टेस्ट ले लेता है। लकड़ी का बक्सा है जिसमें कहीं कोई कुंडी या चिटकनी नहीं है। सब दोस्त मिलकर इसे खोलने में सफल हो ही जाते हैं। कोरोना काल की इस कहानी में द्वीप पर पहुंचने से पहले मेजबान की तरफ से सबको ओरल वैक्सीन का शॉट दिया जाता है ताकि बाकी के समय ये सब बिना मास्क की मस्ती कर सकें। इन मेहमानों में सबसे अलग थलग दिखती है मेजबान की वह पूर्व कारोबारी भागीदार जो बौद्धिक संपदा अधिकार का मुकदमा हार चुकी है। और, बेनवा ब्लॉन्क? वह यहां तक कैसे पहुंच गया। मेजबान भी पहला सवाल उससे यही करता है। अगर आपको याद हो तो पिछली फिल्म ‘नाइव्स आउट’ में भी हत्या के मौके पर उसका पहुंचना एक पहेली ही था जिसे वह खुद सुलझाता है। यहां इसी पहेली में कहानी का सबसे अहम राज छुपा है। मेजबान पूरी पार्टी की थीम एक काल्पनिक मर्डर मिस्ट्री रखता है लेकिन ये मिस्ट्री तो बेनवा ब्लॉन्क पलक झपकते हल कर देता। लेकिन पार्टी जारी रहती है और इसी पार्टी के बीच वाकई में एक मेहमान दम तोड़ देता है। असली खेल अब शुरू होता है।

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फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अपराधी कौन का अधपका खेल
एक मर्डर मिस्ट्री फिल्म का सबसे अहम पहलू होता है कि हत्या किसने की और क्यों की? और, हत्या जिसने की, उससे इसका फायदा क्या होना वाला है। बेनवा ब्लॉन्क भी हेलन कसांड्रा को यही समझाता है। दोनों मिलकर द्वीप पर कुछ खोज रहे हैं। लेकिन, कहानी से ज्यादा आकर्षण यहां इस कहानी की पृष्ठभूमि के लिए बनाए गए ग्लास ऑनियन नामक आलीशान महल का है। इसका गुंबद कांच का है और प्याज के आकार का बना है। उसके बीच में करोड़ों की एक कार भी सजावट बनी हुई है। परत दर परत खुलती कहानी के केंद्र में जो कुछ है वह इतना पारदर्शी है कि नंगी आंखों से साफ साफ नजर आता है, पर पहली कोशिश में जैसा कि अक्सर होता है, लोग इसे देख नहीं पाते। बेनवा ब्लॉन्क के काम करने का तरीका कानून को खुद हाथ में लेने का नहीं है। वह बंदूकधारी जासूस नहीं है। बस, उसका दिमाग चाचा चौधरी सरीखा तेज चलता है। यही बात हालांकि फिल्म लिखने वाले इसके निर्देशक रियान जॉनसन के बारे में नहीं कही जा सकती।

फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
झटके से याद आएगी ‘ओम शांति ओम’
दीपिका पादुकोण की डेब्यू फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के क्लाइमेक्स में जो कुछ होता है, वैसा ही कुछ ग्लास ऑनियन के दरबार हाल में घटने वाली घटनाएं आभास होती हैं। यहां कहानी में दो जुड़वा बहनें हैं, ‘ओम शांति ओम’ में दो हमशक्ल युवतियां हैं। मकसद वही, जिस शख्स ने पहली वाली को बर्बाद किया, उसका राजफाश भरी महफिल मे दूसरी के सहारे फिल्म के हीरो को करना है। वहां शाहरुख खान हैं, यहां डैनियल क्रैग हैं। समझ में आया न, मैं क्या कहना चाह रहा हूं। जी हां, फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ की मर्डर मिस्ट्री के ढांचे में असल सांस फूंकने का काम हिंदी फिल्म ‘ओम शांति ओम’ का दीपिका पादुकोण वाला ट्रैक ही करता है। और, ये स्पॉयलर कतई नहीं है क्योंकि ये जानने के बाद भी शुरू से आखिर तक आपको ये फिल्म देखकर ही पता चलना है कि हत्या किसकी हुई, क्यों हुई, किसने की और इसके पीछे का मकसद क्या था!

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फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बेनवा ब्लॉन्क के पास नया कुछ नहीं
पिछली फिल्म ‘नाइव्स आउट’ के मुकाबले फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ इसलिए कमजोर पड़ जाती है क्योंकि दर्शकों को बेनवा ब्लॉन्क के काम करने का तरीका पहले ही पता चल चुका है। वह शेरलॉक होम्स की तरह नहीं है। वह बस पूरे घटनाक्रम को दोबारा रचने का प्रयास करता है। साथ ही, दर्शकों को उन बातों के बारे में बताता चलता है जिन्हें देखने से पहली बार में कहानी के किरदार और दर्शक दोनों चूक गए थे। भरी महफिल में इस तरह हर राज को एक एक करके खोलते जाने की उसकी ये कला जानी पहचानी है लेकिन ये डैनियल क्रैग का अंग्रेजी संवादों को एक विशिष्ट अंदाज में बोलने का लहजा है जो फिल्म के लिए एक आकर्षण का काम करता है। और, इसी के चलते ये फिल्म आखिर तक देखी जा सकती है।

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फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जनेल मोने की जानदार अदाकारी
डेनियल क्रेग के अलावा फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ में दूसरा जो कलाकार सबसे ज्यादा प्रभावित करता है वह हैं जनेल मोने। एन्डी और हेलन के किरदार में जनेल ने दिल जीते हैं। कोई 19 साल पहले बतौर गायिका अपना करियर शुरू करने वालीं जनेल अब तक आठ बार ग्रैमी पुरस्कारों के लिए नामित हो चुकी हैं। सिनेमा के परदे पर उनका उदय अभी छह साल पहले ही हुआ है। ‘हिडेन फीगर्स’ में नासा वैज्ञानिक मैरी जैक्सन और उसी साल ऑस्कर विजेता फिल्म ‘मूनलाइट’ में टेरेसा के उनके किरदारों ने जनेल की अदाकारी में काबिलियत के नमूने पेश किए थे। फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ बतौर दमदार अदाकारा उनकी लंबी छलांग है। डेव बटिस्टा, केट हडसन और एडवर्ड नॉर्टन जैसे काबिल कलाकारों के बीच जनेल न सिर्फ इक्कीस साबित हुई हैं बल्कि दो बिल्कुल विपरीत किरदारों के साथ न्याय करने में भी वह पूरी तरह सफल रही हैं।

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फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अगर हाइड्रोजन दैनिक उपयोग का ईंधन बन जाए
फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ एक मर्डर मिस्ट्री होने के साथ साथ तमाम सामाजिक पहलुओं को भी अपने साथ समेटती चलती है। ये फिल्म कोरोना संक्रमण काल की दिक्कतों के साथ शुरू होती है और एक एकाकी द्वीप पहुंचकर दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती जलवायु संरक्षण तक के मुद्दे को अपने आगोश में ले लेती है। क्या हो अगर समुद्र के अथाह और असीमित पानी से हाइड्रोजन को निकालकर उसे ईंधन में तब्दील किया जा सके? हाइड्रोजन का दैनिक जीवन में उपयोग अभी कई तरह के अंदेशों से घिरा है लेकिन परमाणु ऊर्जा की तरह अगर इस ऊर्जा को भी नियंत्रित करके उपयोग में लाया जा सके तो? फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ समाज का वह चेहरा भी दिखाती है जिसमें तात्कालिक लाभ के लिए लोग लंबी अवधि के सच को नजरअंदाज करने की आदत डाल चुके हैं। हर रिश्ता लाभ पर आधारित है और लाभ की उम्मीद न हो तो आज की दुनिया में कोई रिश्ता रखना भी नहीं चाहता।

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फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

डेनियल और नाथन से बेहतरी की उम्मीद

रियान जॉनसन ने फिल्म ‘ग्लास ऑनियन’ में सब कुछ बहुत कायदे से रचा है। दिक्कत बस यही है कि आधा दर्जन से ज्यादा सितारों को बिग बॉस जैसे माहौल में इकट्ठा कर लेने के बाद दर्शकों को उत्साहित किस तरीके से रखा जाए, इसकी तरफ उनका ध्यान नहीं है। वह कहानी के अनुसार सितारे लाने की बजाय सितारों के अनुसार कहानी फिट करने की कोशिश करते दिखते हैं। कहानी भी ऐसी है जिसमें कातिल के खुलासे के वक्त कोई खास मजा दर्शकों को नहीं आता है। डैनियल क्रैग का किरदार ऐसा गढ़ा गया है कि उन्हें अपने सारे संवाद एक खास एक्सेंट के साथ बोलने हैं, लेकिन बेनवा ब्लॉन्क अगर फिल्म दर फिल्म अपना लहजा भी बदलता रहे तो शायद उसकी मेधा का असर दर्शकों पर ज्यादा होगा। नाथन जॉनसन के संगीत के साथ भी यही बात लागू होती है। हां, फिल्म को इसकी मूल भाषा अंग्रेजी में ही देखें तो झुंझलाहट कम होगी क्योंकि ट्रेलर को संकेत मानें तो इसकी हिंदी डबिंग बहुत ज्यादा खराब है।



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