बोलने की आजादी का गलत इस्तेमाल
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में संसदीय पैनल को दिए गए अपने जवाब में कहा कि समाज में हानिकारक कंटेट को लेकर चिंता बढ़ी है। मंत्रालय ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अश्लील और हिंसक कंटेट दिखाने के लिए बोलने के अधिकार का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
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बनाया जाएगा नया कानूनी ढांचा
मंत्रालय ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति को बताया कि मौजूदा कानूनों के तहत कुछ नियम मौजूद हैं, लेकिन ऐसे हानिकारक कंटेट को रोकने के लिए सख्त कानूनी ढांचे की मांग बढ़ रही है। मंत्रालय के मुताबिक उसने इन घटनाक्रमों पर ध्यान दिया है और नए कानूनी ढांचे की जरूरत की जांच कर रहा है।
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ऑनलाइन कंटेट पेश करने वालों के लिए कानून
मंत्रालय 25 फरवरी को अपनी अगली बैठक करेगी। इसके बाद वह एक विस्तृत नोट प्रस्तुत करेगी। समिति ने 13 फरवरी को मंत्रालय से विवादित कंटेट पर लगाम लगाने के लिए मौजूदा कानूनों में बदलाव के बारे में पूछा था। पहले के जो नियम बने हैं, वह प्रिंट और मीडिया के लिए हैं। ऐसे में ऑनलाइन कंटेट पेश करने को लेकर नए नियम बनाए जाने की मांग उठ रही है।