साक्ष्यों से स्पष्ट है कि साजिश रची गई
महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के न्यायाधीश महेश जाधव ने शुक्रवार को आरोपी सोनू चंदर उर्फ सोनू कुमार बिश्नोई की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस मामले की विस्तृत जानकारी सोमवार को उपलब्ध कराई गई। विशेष अदालत ने कहा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है कि चंदर ने अन्य आरोपियों और बिश्नोई गिरोह के नेता के साथ मिलकर पीड़ित की हत्या की साजिश रची थी।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने कहा कि अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के मुताबिक, संगठित अपराध गिरोह की सदस्यता ही किसी व्यक्ति को मकोका के तहत उत्तरदायी बनाती है। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड के अनुसार, संगठित अपराध गिरोह के खिलाफ राजस्थान और नई दिल्ली में पहले भी आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। अदालत ने आगे कहा कि उन मामलों में गिरोह के सरगना लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई तथा अन्य सहयोगियों ने साजिश रची और अपराध को अंजाम दिया।
इसलिए नहीं जमानत का हकदार
अदालत ने कहा, 'इस प्रकार इस मामले में वांछित अभियुक्त, गिरोह के सरगना लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी अनमोल बिश्नोई के खिलाफ आरोपपत्रों पर विचार किया जा सकता है। केवल इस आधार पर कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है, अभियुक्त मकोका अधिनियम के तहत दंडनीय अपराधों से बच नहीं सकता'। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आवेदक मकोका अधिनियम की धारा 21 (4) के तहत जमानत की दो शर्तों को पूरा करने में विफल रहा, इसलिए वह जमानत का हकदार नहीं है।
सलमान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई थी गोलीबारी
अदालत ने कहा कि संबंधित अधिनियम में यह आवश्यक है कि आरोपी के निर्दोष होने और जमानत पर रहते हुए कोई अपराध करने की संभावना नहीं होने के लिए उचित आधार हो। विक्की गुप्ता और सागर पाल नाम के दो बाइक सवार बदमाशों ने पिछले साल अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। पाल, गुप्ता और चंद्र न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में दायर आरोपपत्र में लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई को वांछित आरोपी बताया गया है।