फिल्म निर्माता शौनक सेन की डॉक्यूमेंट्री ‘ऑल दैट ब्रीद्स’ ने कान में लुइडियो पुरस्कार जीता है। इसे गोल्डन आई पुरस्कार के नाम से भी जाना जाता है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सेन को बधाई दी और कहा कि यह अन्य भारतीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माताओं को विश्व स्तर पर बड़ा करने की प्रेरणा देगा।
वर्ष 2015 में फ्रांसीसी भाषी लेखकों के समूह ‘लास्कैम’ ने कान फिल्म महोत्सव के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की थी। कान में विशेष स्क्रीनिंग के दौरान यह डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई थी। इसमें दिल्ली के मोहम्मद सऊद और नदीम शहबाज नामक भाइयों की कहानी दिखाई गई है। दोनों भाई दिल्ली के वजीराबाद में पक्षियों विशेष रूप से काली चीलों को बचाते और उनका इलाज करते हैं।
निर्णायक मंडल ने 90 मिनट लंबी इस फिल्म को विजेता चुना। निर्णायक मंडल के सदस्य एग्निज्का हॉलैंड, इरिना त्सिल्क, पियरे डेलाडोनचैम्प्स और एलेक्स विसेंट ने इसे एक शानदार फिल्म बताया है। इन सभी ने कहा कि यह एक ऐसी फिल्म हैं जो यह संदेश देती है कि विनाश की दुनिया में हर जीवन महत्व रखता है। इस पुरस्कार के तहत पांच हजार यूरो नकद दिए जाते हैं। कान से एक हफ्ते पहले इस फिल्म को एचबीओ चैनल पर प्रसारित किया गया था।
इसी साल की शुरुआत में इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को फिलाडेफ्लिया में वर्ल्ड सिनेमा ग्रैंड ज्यूरी पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। इतना ही नहीं यह लघु फिल्म सनडांस इंटरनेशनल फिल्म समारोह में दिखाई जाने वाली इकलौती हिंदी फिल्म है। 2021 में फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘अ नाइट ऑफ नोइंग नथिंग’ ने यह पुरस्कार जीता था।