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Eddie Palmieri Died: ग्रामी विजेता एडी पामिएरी का निधन, रूंबा और लैटिन जैज के थे महान संगीतकार

Thu, 07 Aug 2025 12:17 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Eddie Palmieri Passed Away: पामिएरी की बेटी गैब्रिएला ने द न्यू यॉर्क टाइम्स को बताया कि उनके पिता का उसी दिन न्यू जर्सी स्थित उनके घर पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
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एडी पामिएरी - फोटो : एक्स
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विस्तार
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रूंबा और लैटिन जैज के संगीतकार एडी पामिएरी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। फैनिया रिकॉर्ड्स ने बुधवार शाम को पामिएरी के निधन के बारे में जानकारी दी। पामिएरी की बेटी गैब्रिएला ने द न्यू यॉर्क टाइम्स को बताया कि उनके पिता का उसी दिन न्यू जर्सी स्थित उनके घर पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया।
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13 साल की उम्र में शुरू किया काम
पियानोवादक, संगीतकार और बैंड लीडर पामिएरी ग्रैमी पुरस्कार जीतने वाले पहले लैटिनो थे। उन्होंने अपने करियर में सात और बड़े पुरस्कार जीते। 
पामिएरी का जन्म न्यूयॉर्क के स्पेनिश हार्लेम में 15 दिसंबर, 1936 को हुआ था। उस समय संगीत को गुलामी से बाहर निकलने का एक जरिया माना जाता था। उन्होंने अपने भाई चार्ली पामिएरी की तरह कम उम्र में ही पियानो सीखना शुरू कर दिया था। 13 साल की उम्र में वह अपने चाचा के ऑर्केस्ट्रा के साथ जुड़ गए।

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एडी पामिएरी - फोटो : एक्स
1975 में जीता पहला ग्रामी
अपनी वेबसाइट पर लिखी अपनी जीवनी में पामिएरी ने एक बार कहा था, 'मैं एक कुंठित तालवादक हूं, इसलिए मैं पियानो पर अपना गुस्सा निकालता हूं।'
उन्होंने सबसे पहले 1975 में एल्बम 'द सन ऑफ लैटिन म्यूजिक' के लिए ग्रामी जीता। उन्होंने 80 के दशक में भी संगीत जारी रखा। लाइवस्ट्रीम के माध्यम से उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के दौरान प्रदर्शन किया।
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पामिएरी की आखिरी ख्वाहिश
साल 2011 में एसोसिएटेड प्रेस के साथ बातचीत में जब पामिएरी से पूछा गया कि क्या उनके पास करने के लिए कोई अहम काम बाकी है, तो उन्होंने कहा 'पियानो अच्छी तरह बजाना सीखना। पियानो बजाने वाला बनना एक बात है। पियानोवादक होना दूसरी बात है।'
1980 के दशक में पामिएरी ने 'पालो पा' रूंबा' (1984) और 'सोलिटो' (1985) एल्बमों के लिए दो और ग्रामी पुरस्कार जीते। कुछ साल बाद, उन्होंने 'लेगो ला इंडिया वाया एडी पामिएरी' एल्बम के साथ गायक ला इंडिया को साल्सा की दुनिया से परिचित कराया।
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