क्या है अदालत का आदेश?
जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा, 'अब आपके पास क्या अधिकार बचा है?' अदालत ने कहा 'यह बात सामने आई है कि प्रतिवादी विक्रांत जेटली के साथ लगातार संपर्क में हैं। विक्रांत जेटली को कांसुलर एक्सेस (दूतावास से संपर्क का अधिकार) दे दिया गया है। अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने उनसे नौ बार बातचीत की है।'
कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
अदालत ने अपने आदेश में कहा 'इस रिट याचिका को लंबित रखने का कोई कारण नहीं है। इसलिए, इसे निपटाया जाता है। प्रतिवादी, विक्रांत जेटली के साथ संपर्क में बने रहेंगे और कानून के तहत उपलब्ध सभी कानूनी सहायता प्रदान करेंगे।'
कब हिरासत में लिए गए विक्रांत?
हाई कोर्ट सेलिना जेटली की एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने अपने भाई के लिए प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व की मांग की थी। सेलिना के भाई विक्रांत को 6 सितंबर, 2024 से यूएई में हिरासत में लिया गया था।
पत्नी लेंगी फैसले
अदालत ने बताया कि विक्रांत जेटली ने यह भी कहा कि वह अपनी बहन से कोई बातचीत नहीं करना चाहते और उनकी पत्नी ही एकमात्र ऐसी व्यक्ति हैं जो कानूनी प्रतिनिधित्व के मामले में उनकी ओर से फैसले ले सकती हैं।