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अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में लक्ष्मी प्रिया सहित तीन के खिलाफ FIR; केरल पुलिस को अदालत ने क्या निर्देश दिए?

Sun, 05 Jul 2026 05:25 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ansiba Hassan Harassment Case: केरल की एक अदालत ने अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया सहित तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस को अंसिबा हसन की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया।
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अंसिबा हसन - फोटो : इंस्टाग्राम-@realansibahassan
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विस्तार
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अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में केरल की एक अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केरल की एक अदालत ने मलयालम अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया, उनके पति जयेश और एक महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

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अंसिबा ने क्या लगाए आरोप?
अदालत ने अभिनेत्री अंसिबा हसन को त्रिपुनिथुरा महिला सेल में कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में रखने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के मामले में यह निर्देश दिया है। त्रिपुनिथुरा के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट पीएम अमीनाकुट्टी ने शनिवार को पुलिस को अंसिबा हसन की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया।

मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुईं अंसिबा
अंसिबा हसन शनिवार को लक्ष्मी प्रिया, जयेश और महिला सेल से जुड़ी सब-इंस्पेक्टर रेश्मा के खिलाफ अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुईं। अदालत ने अपने आदेश में कहा, 'चूंकि सच का पता लगाने के लिए पुलिस को आरोपियों पर लगे आरोपों की विस्तृत जांच करनी है, इसलिए शिकायत को हिल पैलेस पुलिस स्टेशन के SHO के पास भेजा जा रहा है, ताकि एफआईआर दर्ज की जा सके और BNSS ( भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 175 (3) के तहत जांच की जा सके'।
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अंसिबा ने क्या कहा?
यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें लक्ष्मी प्रिया की शिकायत के बाद हसन को हिल पैलेस पुलिस थाने की महिला सेल में तलब किया गया था। लक्ष्मी प्रिया ने हसन से आपत्तिजनक व्हॉट्सएप मैसेज मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस का रुख किया था। अंसिबा हसन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें महिला सेल में लगभग तीन घंटे तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। मानसिक रूप से परेशान किया गया और माफीनामा लिखने एवं गाकर सुनाने के लिए मजबूर किए जाने के बाद ही छोड़ा गया।

जानकारी के बिना माफीनामे में बदलाव का आरोप
अंसिबा हसन ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उनकी जानकारी के बिना माफीनामे में बदलाव किया गया। हसन ने शुरू में थ्रिक्काकारा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) से मामले में शिकायत की थी। हालांकि, शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने उचित निर्देश देने के लिए मजिस्ट्रेट अदालत का रुख किया।

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