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Father's Day: कहीं बात करना था मुश्किल तो किसी ने पिता से सीखा डिसिप्लिन, फादर्स डे पर पढ़ें सेलेब्स के किस्से

सार

Father’s Day Special: आज देशभर में ‘फादर्स डे’ मनाया जा रहा है यानी वो दिन जब हर कोई अपने पिता को याद करता है। इस मौके पर सेलेब्स ने भी अपने पिता के बारे में कुछ किस्से सुनाए हैं। 
 
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अभिषेक और चित्रांगदा - फोटो : इंस्टाग्राम- @chitrangda @nowitsabhi
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विस्तार
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पिता... सिर्फ एक रिश्ता नहीं, पूरी जिंदगी की नींव होते हैं। फादर्स डे के मौके पर कुछ एक्टर्स ने अमर उजाला डिजिटल से बात की, जिस दौरान उन्होंने अपने पिता से जुड़ी यादें शेयर कीं… कुछ हंसाती हैं, कुछ रुला देती हैं... लेकिन हर एक कहानी में एक चीज कॉमन थी, वो था प्यार।

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अभिषेक बनर्जी - फोटो : इंस्टाग्राम- @nowitsabhi

डिसिप्लिन अब भी उनसे सीख रहा हूं - अभिषेक बनर्जी
अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर अभिषेक बनर्जी ने बातचीत करते हुए कहा, ‘अगर मुझे अपने पापा को किसी चीज के लिए थैंक यू बोलना हो तो वो होगा…काम को सीरियसली लेना। उन्होंने मुझे कभी लेक्चर नहीं दिया, लेकिन उन्हें देखकर मैंने सीखा।’

उन्होंने आगे कहा, ‘वो प्रेसिडेंट अवार्ड विनर हैं, पुलिस मेडल विनर हैं, ये बहुत बड़ी बात है। लेकिन उससे भी बड़ी बात है…उनका प्रोफेशनलिज्म। वो काम के प्रति जितना डेडिकेटेड रहे, वो चीज मैंने उनसे सीखी है। लेकिन हां, एक आदत जो मैंने उनसे ली – स्मोकिंग और ये एक खराब आदत है। मैं चाहता हूं कि हम दोनों, पापा और मैं इसे छोड़ दें और हां, उनकी एक और आदत – डिसिप्लिन। वो इतने डिसिप्लिन्ड हैं कि आज भी मैं उनसे ये सीखने की कोशिश कर रहा हूं। अभी तक सीख नहीं पाया हूं, लेकिन कोशिश जारी है।’

कृतिका कामरा - फोटो : इंस्टाग्राम- @kkamra

खाने के जरिए पापा का प्यार अब भी वैसा ही है - कृतिका कामरा
अभिनेत्री कृतिका कामरा ने भी फादर्स डे के मौके पर बात करते हुए कहा, ‘मेरे पापा ने बहुत कुछ सैक्रिफाइस किया है। एक मिडल क्लास फैमिली से थे, लेकिन उन्होंने कभी हमें कुछ कम नहीं होने दिया। पढ़ाई से लेकर हर जरूरत तक, अपनी चीजें छोड़कर हमारे लिए नई चीजें लाते रहे। हमारे घर में प्यार का एक ही तरीका है.. खाना। पापा आज भी जब मुंबई आते हैं तो सब्जी या फल खुद जाकर चुनकर लाते हैं। हम अकसर गुस्सा करते हैं कि इतनी दूर क्यों जाते हो, किसी को भेज दो या ऑर्डर कर लो... लेकिन वो कहते हैं, मैं खुद लाऊंगा। मेरी फेवरिट चीजें पहले से लेकर रखेंगे और जब मैं घर जाती हूं तो वही सब बनवाते हैं जो मुझे पसंद है।’

उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी चीज जो उनसे सीखी-इंसानियत। मेरे पापा डॉक्टर हैं। फ्री मेडिकल कैंप्स, ब्लड डोनेशन… उन्होंने कभी किसी फायदे की उम्मीद किए बिना दूसरों की मदद की। वो चुपचाप अच्छा करते रहे… बिना दिखावे के। मुझमें जो थोड़ी बहुत इंसानियत है, वो उन्हीं की वजह से है।’

चित्रांगदा सिंह - फोटो : इंस्टाग्राम- @chitrangda

आज भी वो कार्ड्स मेरे पास हैं - चित्रांगदा सिंह
एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह ने भी बात करते हुए एक किस्सा शेयर किया,  ‘फादर्स डे पर अगर एक याद शेयर करूं, तो मेरे पापा आर्मी में थे, तो वो हमसे दूर रहते थे। उस समय वो ईस्ट में पोस्टेड थे, बहुत सेंसिटिव एरिया में। जब हम उन्हें लेटर्स भेजते थे, तो उनमें कई शब्द ब्लैक कर दिए जाते थे - क्योंकि सेंसरशिप होती थी। बहुत लिमिटेड बातचीत हो पाती थी।’

चित्रांगदा ने आगे कहा, ‘लेकिन एक बार मेरे जन्मदिन पर उन्होंने मुझे इतने सारे कार्ड्स भेजे… जिनमें कुछ भी ब्लैकआउट नहीं था। पता नहीं कहां से उन्होंने मैनेज किया। एक वॉकिंग डॉल, एक मंकी जैसा खिलौना… वो बहुत स्पेशल था। जब मेरी शादी हुई और मैं अलमारी क्लियर कर रही थी, तब भी वो कार्ड्स मेरे पास थे। मेरे पापा की एक आदत जो मुझमें आ गई वो है सुबह जल्दी उठना। वो 5:30-6 बजे उठा करते थे और कहते थे अगर 8 बज गए तो आधा दिन चला गया। आज भी मैं जल्दी उठती हूं -  वो आदत अब भी मेरे साथ है।’

सैयामी खेर - फोटो : इंस्टाग्राम- @saiyami

गर्व से भरी उनकी आंखें - सैयामी खेर
वहीं एक्ट्रेस सैयामी खेर ने अपने बचपन का किस्सा बताते हुए कहा, ‘मेरे पापा ने हमेशा मुझे हिम्मत दी .. पहाड़ चढ़ना, झील में तैरना और नई चीजें आजमाने का साहस उन्हीं से मिला। 2011 वर्ल्ड कप हमने साथ देखा, पर इंडिया की जीत से भी ज़्यादा कीमती था वो साथ बिताया पल। पहली डाइविंग ट्रिप हो या कॉलेज में सम्मान का मौका, हर खास लम्हे में पापा मेरे साथ थे। गर्व से भरी उनकी आंखें मेरी सबसे प्यारी याद हैं।’

सैयामी ने कहा, ‘पापा पहले मॉडल थे - ऐड्स और टीवी शोज में भी काम किया, लेकिन बाद में सब कुछ छोड़कर नासिक में एक फार्मस्टे शुरू किया, जिसे उन्होंने अपने हाथों से बनाया। उन्होंने हमें फिल्मों से दूर रखा, टीवी देखने नहीं देते थे …लेकिन उसी परवरिश ने मुझे एक मजबूत और सच्चा इंसान बनाया। हम दोनों में बहुत कुछ एक जैसा है - खेल पसंद हैं, घूमना अच्छा लगता है और चॉकलेट-आइसक्रीम भी हम दोनों को बहुत पसंद है। पापा मेरे सबसे बड़े आलोचक भी हैं और सबसे बड़े सपोर्टर भी। सच कहूं तो… अगर मैं थोड़ी भी उनके जैसी हूं, तो ये मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।’

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आदर्श गौरव - फोटो : इंस्टाग्राम- @gouravadarsh

सपना मेरा था, लेकिन हौसला पापा का था - आदर्श गौरव
इसके साथ ही एक्टर आदर्श गौरव ने भी अपने पिता पर बात की। उन्होंने कहा, ‘पापा ने कभी एक्टिंग की दुनिया नहीं जानी, लेकिन उन्होंने मुझे कभी रोका नहीं। जब मैं अपने पहले ऑडिशन में नर्वस था, वो मेरे साथ बस स्टॉप पर खड़े थे, पूरे भरोसे के साथ। कभी मेरे फैसलों पर शक नहीं किया, बस यही कहा - अगर करना है तो दिल से करो, अधूरा मत छोड़ना।’

आदर्श ने कहा, ‘उन्होंने मुझे आजादी दी, धैर्य सिखाया और ये यकीन दिया कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। मैं एक्टिंग में जो भी थोड़ा बहुत कर पाया हूं, वो पापा के भरोसे और साथ की वजह से है। अगर मैं उनके जैसा थोड़ा भी बन पाया, तो समझो जिंदगी सफल है।’

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