'जैस्मिन ड्रामा क्वीन हैं... लेकिन आखिर में स्टंट भी कर लेती हैं'
साथी कंटेस्टेंट्स की बात छिड़ी तो अविका ने उन्हें अपने अंदाज में मजेदार टैग भी दे डाले। वह हंसते हुए कहती हैं, 'ड्रामा क्वीन का टैग मैं जैस्मिन को दूंगी। वो पहले खूब रोती हैं, डरती हैं, लेकिन आखिर में स्टंट भी कर लेती हैं। इसलिए उनका ड्रामा भी मुझे प्यारा लगता है।' 'ओवरकॉन्फिडेंट' के सवाल पर अविका ने विशाल आदित्य सिंह का नाम लिया, लेकिन साथ ही साफ किया कि यह सिर्फ एक स्टंट की बात थी। 'एक स्टंट में विशाल जरूरत से ज्यादा कॉन्फिडेंट हो गए थे, लेकिन मैं उन्हें ओवरऑल ओवरकॉन्फिडेंट नहीं कहूंगी।'
सेट का सबसे बड़ा एंटरटेनर कौन था?
'अंडररेटेड' का टैग उन्होंने खुद को दिया। वहीं, 'डेंजरस कॉम्पिटिटर' के लिए उन्होंने अविनाश मिश्रा का नाम लेते हुए कहा, 'मुझे ऐसे लोग बहुत पसंद हैं, जो हर चैलेंज के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। अविनाश उन्हीं लोगों में से एक हैं।' सेट का सबसे बड़ा एंटरटेनर कौन था? इस पर अविका का जवाब था, 'करण वाही ने पूरे शूट के दौरान सबसे ज्यादा मस्ती की। वहीं, हर्ष गुजराल जहां होते हैं, वहां एंटरटेनमेंट अपने आप आ जाता है।'
'टीयर गैस वाला स्टंट मेरे लिए किसी ट्रॉमा से कम नहीं था'
अविका कहती हैं, 'पिछले सीजन में भी मेरा एलिमिनेशन टीयर गैस वाले स्टंट में ही हुआ था। इसलिए इस बार जब पता चला कि फिर से ऐसा ही स्टंट करना है, तो मैं पहले से ही जानती थी कि ये मेरे लिए आसान नहीं होने वाला। मुझे बचपन से अस्थमा है। टीयर गैस वाले स्टंट्स में सबसे ज्यादा जरूरत मजबूत फेफड़ों और अच्छी ब्रीदिंग की होती है। मुझे पता था कि मैं अपनी तरफ से सौ फीसदी कोशिश करूंगी, लेकिन इस मामले में मैं दूसरों जैसी परफॉर्म नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि मेरे फेफड़े... वो मेरे कंट्रोल में नहीं हैं।' वह आगे कहती हैं, 'अगर सबसे मुश्किल स्टंट की बात करूं तो फ्लैग और स्मोक मशीन वाला टास्क मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज था। वो इतना मुश्किल था कि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मुझे ऐसा स्टंट करने को मिलेगा। उस वक्त मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात चल रही थी—बस... अब मुझसे नहीं होगा।'
'रुबीना-जैस्मिन बनीं सबसे बड़ा सहारा, करण-रित्विक ने हर कदम पर दिया साथ'
अविका कहती हैं, 'मैं सभी को पहले से थोड़ा-बहुत जानती थी, लेकिन बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि इस शो से इतनी मजबूत दोस्तियां लेकर लौटूंगी। मुश्किल स्टंट्स के दौरान कई बार सिर्फ हिम्मत नहीं, किसी अपने के साथ की भी जरूरत होती है। ऐसे हर पल में जैस्मिन भसीन और रुबीना दिलैक मेरे साथ मजबूती से खड़ी रहीं। वहीं, रित्विक धनजानी और करण वाही ने भी हर कदम पर मुझे सपोर्ट किया।' वह आगे कहती हैं, 'स्टंट्स तो खत्म हो गए, लेकिन इन लोगों के साथ जो रिश्ता बना, वो कैमरे तक सीमित नहीं है। "खतरों के खिलाड़ी" से मैं सिर्फ यादें नहीं, कुछ ऐसे दोस्त लेकर लौटी हूं, जिन्हें मैं अपनी इस जर्नी की सबसे खूबसूरत कमाई मानती हूं।'
अविका गोर और पति मिलिंद चंदवानी
- फोटो : सोशल मीडिया
'सोशल मीडिया ने जो तस्वीर दिखाई थी, अविनाश असल जिंदगी में वैसे बिल्कुल नहीं निकले'
KKK की इस जर्नी ने अविका की एक पुरानी धारणा भी बदल दी। जिस कंटेस्टेंट को वह शो से पहले सिर्फ सोशल मीडिया और इंटरनेट पर बनी छवि के आधार पर जानती थीं, उसे करीब से जानने के बाद उनकी राय पूरी तरह बदल गई। अविका कहती हैं,'हम अक्सर किसी इंसान के बारे में वही जानते हैं, जो सोशल मीडिया या इंटरनेट पर दिखाई देता है। अविनाश को लेकर भी मेरे मन में एक इमेज थी। लेकिन जब उनसे बातचीत हुई, उन्हें करीब से जाना और फिर स्टंट्स में उनका रवैया देखा, तो मेरा पूरा नजरिया बदल गया। इंटरनेट पर जैसी उनकी इमेज थी, असल जिंदगी में वो वैसे बिल्कुल नहीं हैं।'
'मिलिंद ने बस एक ही बात कही- पूरे हाथ-पैर लेकर वापस आना'
शादी के बाद यह अविका का पहला एडवेंचर रियलिटी शो था। वह कहती हैं, 'पहली बात तो मैं कलर्स को इस शो के लिए मना नहीं कर सकती थी। मेरे लिए ये बहुत बड़ा मौका था। मिलिंद भी उतने ही एक्साइटेड थे। वो चाहते थे कि मैं ये शो जरूर करूं। लेकिन जाते-जाते उन्होंने बस एक ही बात कही- पूरे हाथ-पैर लेकर वापस आना। उस एक लाइन में उनका प्यार भी था, चिंता भी थी और ये एहसास भी कि मैं किस तरह के स्टंट्स करने जा रही हूं।'
'मुझे फियरलेस मत बनाइए... लोग मुझे आनंदी के नाम से ही याद रखें'
खतरनाक स्टंट्स करने के बावजूद अविका अपनी सबसे बड़ी पहचान बदलना नहीं चाहतीं। वह मुस्कुराते हुए कहती हैं, 'अगर लोग आज भी मुझे आनंदी के नाम से याद करते हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। मुझे फियरलेस अविका कहलाने से ज्यादा खुशी इस बात की है कि लोग मुझे आनंदी के तौर पर याद रखें।'