प्रस्तुति देते कैलाश खेर।
अदालत ने सुनाया फैसला
लुधियाना में इलाका न्यायिक मजिस्ट्रेट में दायर शिकायत को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि खेर की तरफ से गाए गए गाने के बोल भगवान शिव की तारीफ के अलावा कुछ नहीं हैं। आदालत ने कहा हर काम जो किसी वर्ग विशेष को नापसंद हो, जरूरी नहीं कि उससे धार्मिक भावनाएं भड़कें।
याचिकाकर्ता ने की थी बड़ी मांग
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की थी कि कैलाश के खिलाफ धारा 295ए के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि आईपीसी की धारा 295ए के तहत अपराध दर्ज करने के लिए व्यक्ति की तरफ से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की जानबूझकर कोशिश की जानी चाहिए।
कैलाश खेर ने किया था हाईकोर्ट का रुख
खेर ने 2014 में पंजाब के लुधियाना कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया था। उस समय हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा था कि गायक के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अपनी याचिका में खेर ने कहा कि वह केवल गाने के गायक हैं और वीडियो को सोनी म्यूजिक एंटरटेनमेंट के माध्यम से एक अन्य कंपनी की तरफ से कोरियोग्राफ किया गया था। खैर ने तर्क दिया था कि गाने का वीडियो केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की तरफ से मंजूरी दिए जाने के बाद ही जारी किया गया था।