R Madhavan : आर माधवन अक्सर दुबई जाते रहते हैं। उन्होंने दुबई की तारीफ करने के साथ भारत से अपने जुड़ाव के बारे में बताया है। उन्होंने अपने बेटे के बारे में भी बात की है।
अभिनेता आर माधवन ने बताया है कि वह दुबई क्यों चले गए हैं। उन्होंने दुबई की खूब तारीफ की है। इसके साथ उन्होंने भारत के साथ अपने जुड़ाव और नई स्किल्स सीखने के बारे में भी बात की है।
विज्ञापन
दुबई क्यों गए माधवन?
मैशेबल मिडिल ईस्ट के साथ बातचीत में माधवन ने बताया कि बेटे वेदांत ने कोविड-19 से पहले भारत में ट्रेनिंग की थी। जब स्विमिंग पूल बंद हो गए, तो परिवार ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू किए।
माधवन ने बताया कि वेदांत विकास के एक अहम दौर से गुजर रहा था और उसे रेगुलर एक्सरसाइज, न्यूट्रिशन और बिना रुकावट ट्रेनिंग की जरूरत थी। तब उनकी पत्नी सरिता को पता चला कि दुबई में स्विमिंग की सुविधाएं खुली हुई हैं।
विज्ञापन
वेदांत माधवन
- फोटो : इंस्टाग्राम
भारत के लिए मेडल जीत रहा बेटा
माधवन ने कहा, 'उन्होंने (पत्नी ने) अपना सामान पैक किया और अगस्त 2020 में वेदांत के साथ चली गईं। भारत में चीजें ठीक करने के बाद मैं उनके साथ शामिल हुआ।'
यह कदम वेदांत के करियर के लिए बहुत अहम साबित हुआ। उसने दुबई में जमकर ट्रेनिंग की और बाद में भारत के लिए मेडल जीतना शुरू किया। माधवन ने कहा कि परिवार उस शहर से मिले मौकों के लिए शुक्रगुजार है।
आर माधवन अपनी पत्नी सरिता बिरजे और बेटा वेदांत के साथ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
आप सबसे पहले भारतीय हैं
दुबई में जिंदगी का आनंद लेने के बावजूद, माधवन ने जोर देकर कहा कि भारत के साथ उनका जुड़ाव वैसा ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश के त्योहार, पड़ोस की संस्कृति और सामाजिक जीवन की बराबरी कहीं और नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा, 'चाहे आप कहीं भी रहें, दुबई में या दुनिया में कहीं और, आप सबसे पहले भारतीय हैं।'
माधवन और सरिता अपने बेटे वेदांत के साथ
- फोटो : इंस्टाग्राम
भारत से जुड़ाव पर बोले माधवन
माधवन ने आगे कहा, 'मेरा सारा काम अभी भी भारत में है। मेरे सारे टैक्स भारत में भरे जाते हैं। मैं जो कुछ भी करता हूं, उसका लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा घर पर ही होता है।' उन्होंने बताया कि वे हर साल लगभग पांच से साढ़े पांच महीने फिल्मों की शूटिंग में बिताते हैं। उन्होंने अपनी परवरिश का श्रेय भी भारतीय सेना के एक अफसर के बेटे के तौर पर मिली सीख को दिया।