विवेक ने किया ट्वीट
हाल ही में, विवेक ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया कि केंद्र ने एक नया आवेदन प्रस्तुत किया और कहा कि अदालत के समक्ष याचिकाएं सामाजिक स्वीकृति के उद्देश्य से शहरी अभिजात्य विचारों को दर्शाती हैं । इसके बाद उन्होंने लिखा कि 'समान सेक्स विवाह एक शहरी अभिजात्य अवधारणा नहीं है।' विवेक ने लिखा, समान-सेक्स विवाह कोई शहरी अवधारणा नहीं है, बल्कि यह एक जरूरत है। यह एक अधिकार है और भारत जैसी प्रगतिशील, उदार सभ्यता में समलैंगिक विवाह सामान्य होना चाहिए। ना की कोई अपराध।
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मीडिया पर साध चुके हैं निशाना
इससे पहले भी अभिनेता मीडिया को दोहरे रवैये पर भी तंज कस चुके हैं और डायरेक्टर ने अपने ट्वीट में लिखा था, 'आपराधिक अवमानना मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में कल के केस पर मेरा बयान। जिस तरह से कुछ पक्षपाती मीडिया और राजनीतिक दलों द्वारा मेरे खिलाफ खबर पेश की गई वो पूरी तरह से गलत है।' इसके बाद कई लोगों ने विवेक का इस विषय पर समर्थन किया और वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने उनके इस बयान पर भी तंज कस दिया है।’
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गौतम नवलखा के मामले में ट्रोल हो चुके हैं विवेक
आपको बता दें कि विवेक अग्निहोत्री अपनी फिल्म के अलावा अपने तीखे बयानों के लिए भी जाने जाते हैं, लेकिन इन दिनों वह भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नजरबंद सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को रिहा करने से संबंधित तत्कालीन न्यायमूर्ति व वर्तमान ओडिशा मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर पर टिप्पणी करने को लेकर चर्चा में हैं। अब देखना है कि विवेक का यह बयान उनके लिए कौन सी मुश्किलें खड़ी करता है।