छिपकर दिखाई लोगों को फिल्म
विवेक ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने चुनाव से पहले छिपकर लोगों को ‘द बंगाल फाइल्स’ दिखाई थी। उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन हमने हार नहीं मानी। इन चुनावों के दौरान हमने कोशिश की कि ‘द बंगाल फाइल्स’ को बंगाल में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अंडरग्राउंड तरीके से दिखाया जाए। मुझे खुशी है कि हमने हार नहीं मानी और अपने तरीके से लड़ाई लड़ी। और आखिरकार… यह ऐतिहासिक जीत मिली। बंगाल के लोगों को बधाई। अब आप बिना डर के, सिर ऊंचा करके चल सकते हैं।’
क्या ‘द बंगाल फाइल्स’ पश्चिम बंगाल में बैन हुई थी?
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार ने ‘द बंगाल फाइल्स’ पर कोई आधिकारिक बैन नहीं लगाया था। हालांकि, थिएटर मालिकों ने आपसी सहमति से फिल्म को नहीं दिखाने का फैसला लिया था। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि किसी भी थिएटर मालिक ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि उन्होंने फिल्म क्यों नहीं दिखाई।
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अभिषेक अग्रवाल आर्ट्स और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस द्वारा बनाई गई ‘द बंगाल फाइल्स’ 1940 के दशक के बंगाल में हुए हिंसक घटनाओं पर आधारित है, खासकर 1946 के ग्रेट कलकत्ता किलिंग्स के समय पर। यह फिल्म उस दौर को दिखाती है जब विचारधारा, धर्म और जिंदगी की जंग आपस में टकरा रही थी।