हर जिंदगी की एक कहानी होती है। इंसान की, किसी जीव की, किसी ड्रेस की और एक स्लिपर की भी। शायद हमारा ध्यान आज तक एक स्लिपर की लाइफ पर नहीं गया हो लेकिन जिंदगी तो उसकी भी होती है। उसकी जिंदगी हमारी जिंदगी से जुड़ी होती है। हम उसे पहनकर चलते हैं तो वह रास्ते की धूल अपने हिस्से ओढ़ लेती है। बच्चे उसे घर में अपने खेलने का सामना भी बना लेते हैं।
चप्पल बारिशों से, सड़क से, और खिलौने के रूप में इस्तेमाल होकर एक अंत की तरफ भी बढ़ती है। उसका अंत या तो कूड़े के ढेर में होता है, या फिर किसी ट्रक या दुकान के पीछे नजरबट्टू के तौर पर... चप्पल की कहानी है न दिलचस्प? इसी कहानी को एक फिल्म के माध्यम से सामने लाने का काम किया है, '5 फ्रेम मूवीज' ने... 2 मिनट की फिल्म के माध्यम से एक चप्पल की कहानी आपको जरूर पसंद आएगी।
देखिए इसे इस वीडियो में...