साल 2020 बॉलीवुड के लिए काल साबित हो रहा है। एक के बाद एक सिनेमा के कई दिग्गजों ने पिछले करीब एक महीने में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। हाल ही में दिग्गज गीतकार योगेश गौर और संगीतकार वाजिद खान का निधन हुआ था तो अब गीतकार अनवर सागर ने भी अपनी आंखें हमेशा के लिए बंद कर ली हैं। अनवर ने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली। अनवर ने सिनेमा को कई बेहतरीन गीत दिए हैं। अनवर ने न सिर्फ गीतों को लिखा बल्कि कई फिल्मों में संगीत भी दिया। ऐसे में एक नजर उनके बेहतरीन गीतों पर....
अक्षय कुमार की फिल्म खिलाड़ी का सुपरहिट गाना 'वादा रहा सनम' आज भी कई लोगों की जुबां पर रहता है। इस गाने में अक्षय कुमार और आयशा जुल्का की केमिस्ट्री भी सभी को बेहद पसंद आई थी। फिल्म 1992 में रिलीज हुई थी और इस गीत को आवाज अभिजीत भट्टाचार्य और अलका याग्निक ने दी थी।
अनवर सागर ने नदीम- श्रवण, राजेश रोशन और अनु मलिक जैसे कई संगीतकारों के लिए कई बेहतरीन गाने लिखे। उनका एक और गाना जो सीधा जुबां पर आता है वो है करिश्मा कपूर और राहुल रॉय की फिल्म का गाना ‘ये दुआ है मेरी रब से’। इस गाने को आवाज अलका याग्निक और कुमार शानू ने दी थी।
'वादा रहा सनम' के अलावा अनवर ने कितने दूर कितने पास, बेनाम, गंगा की कसम, याराना, नजर के सामने, गैम्बलर, अमानत, विजयपथ, जुआरी, आदमी, सपने साजन के, बलवान, दिल का क्या कसूर, शिव राम, लाल परी, किशन कन्हैया, लश्कर, हिसाब खून का, इलाका और जख्मी इंसान सहित कई और फिल्मों के कई गीत भी लिखे हैं।
गौरतलब है कि अनवर सागर ने सिर्फ फिल्मों के गीत ही नहीं लिखे बल्कि कुछ फिल्मों के लिए भी लेखन किया और साथ ही साथ कुछ गीतों को संगीत भी दिया। फिल्म जज मुजरिम (1997), मैंने जीना सीख लिया (1982) और अपमान की जंग (1990) की कहानी लेखन में भी अनवर का नाम हमेशा शामिल रहेगा।
पढ़ें: दिग्गज गीतकार अनवर सागर का निधन, 70 की उम्र में ली अंतिम सांस