वरुण धवन का खुलासा
वरुण धवन ने साल 2012 में फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से अपने करियर की शुरुआत की थी। 'बॉम्बे टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में वरुण ने कहा, 'अभिनेताओं का जीवन बहुत अकेला होता है। करीब 90 प्रतिशत एक्टर्स अंदर से बेहद अकेले हैं।'
दिखावे से दूर, खुद को असली रखना पसंद है
वरुण धवन ने बताया कि उन्हें शुरुआत में ही समझ नहीं आ गया था कि इस चकाचौंध में अकेलापन भी आता है। इसलिए उन्होंने तय किया कि वे कैमरे के सामने और असल जिंदगी में अलग-अलग इंसान नहीं बनेंगे।
वरुण ने कहा, 'खुशकिस्मत से, मैंने शुरू से ही दिखावा करना छोड़ दिया। मैं जैसा हूं, वैसा ही सबके सामने रहता हूं। मैं हर समय खुद को परफेक्ट दिखाने की कोशिश नहीं करता। अगर मैं ऐसा दिखावा करूंगा, तो इससे मेरा मानसिक स्वास्थ्य खराब हो जाएगा। दिखावा ज्यादा दिन नहीं टिकता, वो कभी न कभी सामने आ ही जाता है।'
ट्रोलिंग का डर नहीं
वरुण ने माना कि करियर के शुरुआती दिनों में वे और भी ज्यादा बेबाक थे और बिना सोचे-समझे बोल दिया करते थे। आज के दौर में सोशल मीडिया की वजह से लोग बहुत फूंक-फूंककर कदम रखते हैं, लेकिन वरुण को इसका डर नहीं है। उनका मानना है कि ज्यादा से ज्यादा लोग उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल ही करेंगे, इससे ज्यादा कुछ नहीं होगा। उनका कहना है कि इंसान को जैसा है वैसा ही रहना चाहिए, वरना दिखावा करते-करते वह अपनी असली पहचान ही भूल जाएगा।
सलमान खान का दिया उदाहरण
अपनी बात को समझाने के लिए वरुण ने सुपरस्टार सलमान खान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सलमान खान लगातार होने वाली आलोचनाओं के बाद भी हमेशा बेबाक रहते हैं और जो मन में आता है वही करते हैं। वरुण ने हंसते हुए कहा, 'जब मैं रात में सलमान भाई की पोस्ट देखता हूं, तो लगता है जैसे वो अपनी ही किसी अलग दुनिया में मस्त हैं।'