यश चोपड़ा निर्देशित अंतिम फिल्म 'जब तक है जान' थी। लेकिन यशराज बैनर से बन रही फिल्म 'गुंडे' में भी यश चोपड़ा के दिए टिप्स काम में लाए जा रहे हैं। इस तरह से देखें तो 'गुंडे' यश चोपड़ा निर्देशित अंतिम फिल्म होगी।
'मेरे ब्रदर की दुल्हन' बनाने के बाद निर्देशक अली अब्बास जफर यशराज के पसंदीदा निर्देशक हैं। वह इस बैनर से बनने वाली फिल्म 'गुंडे' को डायरेक्ट कर रहे हैं।
मजेदार बात यह है कि अली अब्बास जफर की आने वाली फिल्म 'गुंडे के कुछ दृश्यों के बारे में भी यश चोपड़ा ने अली को कुछ क्रियेटिव इनपुट्स दिये थे। वह इनपुट्स इस फिल्म में प्रयोग में लाये गए हैं।
खास बात यह है कि अली ने अपनी फिल्म में उन दृश्यों को वाकई हूबहू उसी तरह फिल्माया है जैसा यश चोपड़ा चाहते थे। इस लिहाज से देखें तो यश चोपड़ा की अंतिम फिल्म 'जब तक है जान' न होकर 'गुंडे' है।
फिल्म 'गुंडे' में एक सीन है, जिसके लिए यशराज फिल्म्स स्टूडियो में ही एक कोल माइन तैयार किया गया है। यश चोपड़ा ने अली को समझाया था कि इस सीन को खास तरीके से कैसे फिल्माना है।
चूंकि यश चोपड़ा ने खुद 'काला पत्थर' फिल्म की शूटिंग कोल माइन में ही की थी इसलिए उन्होंने अली से कई सीन के बारे में चर्चा की थी। अली ने उसे उसी रूप में दर्शाया है। अली ने कहा है कि वे इस रूप में यश चोपड़ा को श्रद्धांजलि देना चाहेंगे।