'बिग बॉस' धारावाहिक अब नए समय पर दिख सकता है। नया समय शायद ही दर्शको को शूट करे।
छोटे टीवी के चर्चित कार्यक्रम ‘बिग बास सीजन-7’ के प्रसारण के समय पर विवाद उठने के बाद जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को इस मुद्दे पर विचार करने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट के जस्टिस जनक राज कोतवाल ने यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें कार्यक्रम की अश्लीलता के कारण उसे रात 11 बजे के बाद प्रसारित करने की
मांग की गई है।
याचिकाकर्ता राजेश्वरी कटोच और केंद्र सरकार के सीजीएससी रामेश्वर सिंह जम्वाल की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को निर्देश दिए कि वह कार्यक्रम के ‘थीम’ और उसमें उपयोग की गई भाषा पर विचार कर उसके प्रसारण के समय पर निर्णय लें।
अदालत ने कहा कि मंत्रालय के विशेषज्ञ अब तक प्रसारित एपिसोड की समीक्षा करें कि सेक्शन 6 और 7 के तहत प्रोग्राम कोड और विज्ञापन कोड का पालन हो रहा है या नहीं। साथ ही कार्यक्रम के प्रसारण के लिए प्राइम टाइम जरूरी है या नहीं।
जस्टिस जनक राज कोतवाल ने साथ ही निर्देश दिए कि यदि तयशुदा प्रोग्राम कोड का पालन नहीं हो रहा हो या कार्यक्रम प्राइम टाइम प्रसारण समय के लायक नहीं हो तो सेक्शन 20(3) के तहत उसका प्रसारण समय रात 11 बजे के बाद करने के आदेश जारी किए जाएं।
अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के बाद 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए। आदेश की एक कापी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव को भेजने के आदेश भी दिए गए।